छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: जिला कोरबा स्थित माननीय न्यायालय, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री कुमुदनी गर्ग द्वारा परिवाद प्रकरण क्रमांक 972/2021 (हरिशंकर अग्रवाल बनाम रामप्रवेश सिंह) में महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया।
उक्त प्रकरण में परिवादी की ओर से अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। प्रकरण ₹5,00,000/- (पाँच लाख रुपये) के चेक अनादरण से संबंधित था, जो राशि परिवादी द्वारा अभियुक्त को माता-पिता के इलाज हेतु उधार दी गई थी।
न्यायालय ने साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर अभियुक्त रामप्रवेश सिंह को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत दोषसिद्ध पाया।
1 साल का सश्रम कारावास और 6 लाख जुर्माना
माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त को एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹6,00,000/- अर्थदंड से दंडित किया गया।
यह निर्णय चेक अनादरण मामलों में न्यायिक सख्ती एवं विधि के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
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