नई दिल्ली/स्वराज टुडे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (28 मार्च) को नोएडा में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दूसरे हवाई अड्डे जेवर हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। शुरू में सालाना 12 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट, 70 मिलियन यात्रियों तक विस्तार करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे दिल्ली के IGIA (Indira Gandhi International Airport)पर भीड़ कम होगी और भारत की विमानन प्रोफाइल को बढ़ावा मिलेगा।
इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के बीच नोएडा का एक खबर वायरल हो रही है। वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट की वजह से एक किसान करोड़पति बन गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के लिए सरकार ने जो जमीन अधिग्रहण किया था। इससे लोकल निवासियों को बहुत फायदा हुआ है। इसमें कई किसान भी शामिल हैं। एक किसान को 15 करोड़ रुपये मिले और उस पैसों से उसने एक हेलिकॉप्टर खरीदा है। साथ ही वह दोस्तों के साथ थाईलैंड घूमने की प्लानिंग भी कर रहा है।
हालांकि, किसान ने यह दावा नहीं किया है। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के उप-ठेकेदारों में से एक जिसका नाम शिवम प्रजापति है उसने यह बात कही।
किसानों की चमकी किस्मत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिवम प्रजापित ने कहा- “ज्यादातर लोग एयरपोर्ट बनने और उनकी जमीन अधिग्रहित होने से बहुत खुश हैं। सबने अपने शौक-शौक पूरे कर लिए।”
रिपोर्ट के अनुसार शिवम ने दावा किया कि एक किसान जिसके पास बहुत ज्यादा जमीन थी। उसे लगभग 15 करोड़ रुपये मिले। शिवम दावा करते हुए कहा कि जिस किसान को 15 करोड़ रुपये मिले हैं वह अगले महीने अपने दोस्तों के साथ थाईलैंड घूमने जाने की प्लानिंग कर रहा है।
आसपास के क्षेत्र के सभी किसानों की आर्थिक स्थित सही हो गई है। उन्हें जमीन के बदले करोड़ों रुपये मिले हैं। लाभ पाने वाले लोगों में एक नाम किशोरपुर गांव के अजय बेनीवाल का भी है। एक रिपोर्ट के अनुसार कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाले अजय अब एक छोटी सी सर्विस चलाकर हर महीने लगभग 60,000 रुपये कमाते हैं। इस सर्विस में मजदूर काम पर जाते समय अपने हेलमेट और चाबियां जमा कर देते हैं।उन्होंने कहा, “पहले मैं सबसे गरीब लोगों में से एक था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।”
नोएडा इंटरनेशनल सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश से तैयार किया गया है। शुरुआत में इस एयरपोर्ट की यात्री संभालने की क्षमता सालाना 12 मिलियन यात्रियों की होगी, और पूरी तरह से विकसित होने पर यह क्षमता बढ़कर सालाना 70 मिलियन यात्रियों तक पहुंच जाएगी।
एयरपोर्ट की वजह से आसपास की प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल
InvestoXpert Advisors के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक विशाल रहेजा ने कहा- “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत के साथ ही, इसकी घोषणा के महज़ 15 दिनों के अंदर, रिहायशी प्रॉपर्टी के लिए पूछताछ में 56% और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए 75% की बढ़ोतरी हुई, जो रियल एस्टेट में एक जबरदस्त उछाल का संकेत है। YEIDA के सेक्टर 18, 20, 22D, 32, सेक्टर 150, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और डेल्टा-जेटा जैसे अहम माइक्रो-मार्केट तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इसकी मुख्य वजह बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेस वे और इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए सुधार हैं।”
InvestoXpert के RealX Stats की हालिया स्टडी के मुताबिक नोएडा के माइक्रो-मार्केट्स ने लगभग 5 गुना रिटर्न (~30-35% CAGR) दिया है। यमुना एक्सप्रेस वे पर अपार्टमेंट की कीमतें 158% और प्लॉट्स की कीमतें 536% बढ़ी हैं, जिसमें ज़मीन की कीमत 5-6 गुना और रिहायशी प्रॉपर्टीज की कीमत 2-2.5 गुना बढ़ी है। एयरपोर्ट का असर 20,000+ वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा इलाके तक फैलेगा, जिससे अलीगढ़, बुलंदशहर, खुर्जा और आस-पास के दूसरे इलाकों समेत 40-50 मिलियन लोगों पर असर पड़ेगा।

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