बिहार
पटना/स्वराज टुडे: आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार स्वास्थ्य सेवाएं आधारभूत संरचना निगम (बीएमएसआईसीएल) के उप महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की. जांच टीम ने पटना में उनके तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जिसमें भारी मात्रा में नकदी और कीमती जेवरात बरामद किए गए.
जांच एजेंसी के मुताबिक, टीम जब उनके फ्लैट पर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने घर में रखे करीब 32 लाख रुपये नकद और करीब 1.32 करोड़ रुपये के जेवरात (हीरा, सोना और चांदी) को बाहर फेंकने का प्रयास किया. हालांकि, एसवीयू की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संपत्ति को जब्त कर लिया.
आय से अधिक संपत्ति अर्जित की
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पंकज कुमार ने अपने करीब 13 साल के कार्यकाल में आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है. उनके खिलाफ लगभग 96.46 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जुटाने का मामला दर्ज किया गया था. इसी मामले में अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद छापेमारी की गई.
तीन ठिकानों पर छापेमारी
एसवीयू की टीम ने पटना के कदमकुआं स्थित कोनिका मैहर अपार्टमेंट में उनके फ्लैट, सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के रानीघाट स्थित आवास और पीएमसीएच परिसर में स्थित बीएमएसआईसीएल के कार्यालय में एक साथ तलाशी अभियान चलाया. छापेमारी के दौरान कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद
जांच में यह भी पता चला है कि कंकड़बाग के पृथ्वीपुर स्थित शिवम अपार्टमेंट में उनके दो फ्लैट हैं, जबकि कदमकुआं स्थित कोनिका मैहर अपार्टमेंट में भी एक फ्लैट उनके नाम पर है. इसके अलावा तलाशी के दौरान सोने के आभूषण खरीदने से संबंधित 150 से अधिक रसीदें और बैंक खातों व निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. जब्त नकदी और जेवरात को लेकर पंकज कुमार ने स्वीकार किया है कि यह संपत्ति उनकी ही है.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बिहार में इससे पहले भी कई अधिकारियों के यहां छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति मिलने के मामले सामने आ चुके हैं. पिछले साल अगस्त में ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के पटना स्थित घर पर आर्थिक अपराध इकाई ने छापा मारा था. उस दौरान घर में लाखों रुपये के जले हुए नोट मिले थे.
जांच एजेंसी का आरोप था कि छापेमारी की सूचना मिलते ही इंजीनियर की पत्नी ने रात भर नोट जलाने की कोशिश की थी, जिससे घर के टॉयलेट और पाइपलाइन तक जाम हो गए थे. उस कार्रवाई में 39 लाख रुपये नकद और करीब 26 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर भी बरामद किए गए थे.
11 करोड़ कैश बरामद
इसके अलावा पिछले साल मार्च में भवन निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता तारिणी दास के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारकर करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे. जांच में यह रकम उनके घर में लोहे के संदूक में रखी मिली थी. और साथ ही जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए थे. फिलहाल, एसवीयू की टीम बरामद दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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