महिला सिपाही को अश्लील मैसेज भेजना दरोगा जी को पड़ा महंगा, शादी से सात दिन पहले हुए सस्पेंड

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उत्तरप्रदेश
अलीगढ़/स्वराज टुडे: यूपी के अलीगढ़ में महिला सिपाही को अश्लील मैसेज भेजने वाले एक दरोगा पर गाज गिर गई।शादी सात दिन पहले ही चंडौस थाने में तैनात दरोगा को एसएसपी ने शनिवार को निलंबित कर दिया। सात दिन बाद उनकी शादी होनी है। दरोगा पर महिला सिपाही के मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप है। पहले भी दरोगा पर आरोप लग चुके हैं।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार चंडौस थाने में तैनात दरोगा विनेश वर्मा की करीब एक महीने पहले क्वार्सी थाने में तैनात एक महिला सिपाही से ड्यूटी के दौरान मुलाकात हुई थी। यहां पर दरोगा ने महिला सिपाही का मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद वह महिला सिपाही से फोन पर बातें करने लगा। इसके बाद मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजना शुरू कर दिया। विरोध करने के बाद भी दरोगा हरकतों से बाज नहीं आया। महिला सिपाही ने एसएसपी से शिकायत कर दी। जांच में आरोप सही पाए गए। इस पर एसएसपी नीरज जौदान ने शनिवार को दरोगा वीनेश वर्मा को निलंबित कर दिया।

पहले भी लग चुका है आरोप

विनेश वर्मा 2023 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। उनकी पहली पोस्टिंग मार्च 2024 में कोतवाली चंडौस में हुई थी। नवंबर 2025 में उन पर मुकदमा दर्ज न करने के नाम पर 5 हजार रुपए लेने का भी आरोप लगा था। मूल रूप से मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र के गांव रचोती निवासी है। 21 फरवरी को उनकी शादी होनी है। शादी से महज सात दिन पहले निलंबन की कार्रवाई से विभाग में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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महिला सिपाही और हेड कॉन्सटेबल के अश्लील वीडियो वायरल

वहीं बिजनौर में महिला सिपाही और हेड कांस्टेबल के अश्लील वीडियो वायरल होने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में रेहड़ थाने में तैनात महिला कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही एसपी अभिषेक झा ने सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार को जांच सौंपी और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। जांच के दौरान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने के बाद सीओ ने अपनी रिपोर्ट एसपी को भेजी, जिसके आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

वर्दी में अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा

एसपी अभिषेक झा ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों का आचरण विभागीय अनुशासन और पुलिस की छवि के अनुरूप नहीं पाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की सेवा के लिए होती है, ऐसे में वर्दी में अनुचित व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया और इसे सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वायरल वीडियो पुलिस के कई व्हाट्सएप ग्रुपों में भी प्रसारित हुआ, जिससे मामला तेजी से फैल गया। हालांकि संवेदनशीलता को देखते हुए मीडिया संस्थान इस वीडियो को सार्वजनिक रूप से प्रसारित नहीं कर रहे हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि से भी परहेज कर रहे हैं।

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कहां बनाया गया वीडियो‌? पुलिस कर रही जांच

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वीडियो थाने के भीतर बनाया गया या किसी निजी स्थान पर, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं वीडियो किसी व्यक्तिगत विवाद या ब्लैकमेल की मंशा से तो वायरल नहीं किया गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने पुलिस विभाग की अनुशासन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और वर्दी की गरिमा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिसकर्मियों से जुड़े विवादित वीडियो सामने आते रहे हैं, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जांच पूरी होने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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दीपक साहू

संपादक

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