उत्तरप्रदेश
बडौत/स्वराज टुडे: शिवरात्रि वर्तमान कलयुग के अंत और सतयुग के प्रारंभ के संगम का नाम है। जब स्वयं निराकार परमात्मा शिव साकार मानव तन, प्रजापिता ब्रह्मा के तन में अवतरित होकर मनुष्य आत्माओं से विकारों और बुराइयों का, ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर त्याग कराते हैं। अतः शिवरात्रि पर विकारों और बुराइयों से व्रत रखें। रात्रि जागरण का आध्यात्मिक रहस्य है कि परमात्मा शिव के वर्तमान समय के अवतरण के काल में हम अपनी आत्मा की ज्योति को जगाएं। अतः शिवरात्रि के महत्व और आध्यात्मिक रहस्य को यथार्थ रीति से समझकर मानने से ही सभी मनुष्य आत्माओं का, संसार का कल्याण हो सकता है। उक्त उदगार ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय माउंट आबू राजस्थान से पधारे हुए बी के भगवान भाई जी ने बावली स्थित आगामी आनेवाली शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए बताया |स्थानीय ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेवाकेंद्र बडौत द्वारा आयोजित बावली मे एकत्रित ईश्वर पेमी भाई बहनों को आगामी आनेवाली महाशिवरात्री का आध्यत्मिक रहस्य विषय पर बोल रहे थे |

भगवान भाई जी ने कहा कि शिव पर धतुरा का फुल अर्पित करे है जो जहरीला और कंटीला होता है | वास्तव में हमारे अंदर की बुराई काम , क्रोध लोभ, मोह, अहंकार आदि मनोविकारो का प्रतीक है अगर हम बुरायो को शिव पर अर्पित करेंगे ति शिव कि हम पर कृपा होगी | शिवरात्री पर जागरण करे है अर्थात हमें अज्ञान अन्धकार से जगाना है मै कौन ? मै कहा से आया हु ? मरे जीवन का उदिष्ट क्या ? मेरे आत्मा का पित़ा कौन ? यह जागरण | उपवास करना मतलब मन और बुध्दी से शिव परमात्मा का ध्यान करना | हमे एसी अर्थ सहित शिवरात्री मनाना है |

स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग कि प्रभारी बीके मोहनी बहन जी ने कहा कि परमात्मा हम सभी के परमपिता है जो कि भारत में 12 ज्योर्तिलिंगम प्रसिद्ध है और गली-गली में शिवालय बने हुए हैं इससे स्पष्ट होता है कि परमपिता परमात्मा शिव इस सृष्टि पर आए हैं और विश्व कल्याण का कार्य किया है ।
बी के राजवीर भाई जी ने मंच सञ्चालन किया | उन्होंने आज के दिन का महत्त्व बताया |
बी के परावेश बहन जी ने परमात्मा शिव द्वारा नयी दुनिया कैसे बन रही उसका रहस्य बताया |
बी के कोमल बहन जी बहादुरगढ़ से पधारी हुई थी उन्होंने भी अपना अनुभव सुनाया |
सभी ने शिव ध्वज के निचे प्रतिज्ञा लिया कि हम किसे को दुःख नहीं देंगे , विकारों से दूर रहेंगे , कभी किसी का परचिन्तन नही करेंगे , हम मनसा वाचा कर्मना शुध्द रहेंगे | कभी क्रोध नही करेंगे |
शिवरात्री का सन्देश लेकर यात्रा निकली गयी जिसमे मुख्य चित्र चैतन्य झाकिया निकाली गयी | यह यात्रा बावली, बरवाला गाव , बासोली , सूप, बिराल आदि गावो में परमात्मा अवतरण का सन्देश दिया , शिवरात्री का रहस्य बताया और शिवरात्रि के रहस्य के पर्चे बांटे गए |
इस कार्यक्रम में कृष्णपाल भाई , बी के सीमा बहन जी , बी के कोमल बहन जी , बी के संगीता बहन जी, बी के राहुल भाई , बी के सुरेश भाई , रुपेश भाई , बी के जितेन्द्र भाई भी उपस्थित थे

Editor in Chief



















