उत्तरप्रदेश
लखनऊ/स्वराज टुडे: मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में हंगामा मच गया। यहां तीन पुलिसकर्मी एक महिला को गिरफ्तार करने आ धमके। महिला पर ऐसे आरोप लगे थे कि जिसने जाना वह एक बार के लिए हैरान हो गया।
पुलिस के मुताबिक, महिला ने अपने पति को एक झूठे मामले में सिर्फ इसलिए फंसा दिया क्योंकि उसे अपने प्रेमी के साथ रहना था। महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को गोवध के मामले में शातिर तरीके से प्लान बनाकर जेल भी भिजवा दिया।
तीन पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुई एफआईआर
हालांकि हाईकोर्ट के निर्देश पर अनाधिकृत प्रवेश के आरोप में महिला को गिरफ्तार करने पहुंचे एक दरोगा और दो कांस्टेबल पर एफआईआर हो गई है और वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। वकीलों के हंगामे के दौरान महिला भाग गई।
डीसीपी (लखनऊ पश्चिम) विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने आरोपी को हिरासत में लेने के लिए हाई कोर्ट परिसर में जाकर गंभीर अपराध किया है और यह नियम और विनियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि तीनों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही मामले के जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
इंस्टाग्राम पर मिले थे दोनों
डिप्टी पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, महिला को दो साल पहले इंस्टाग्राम पर मिले एक शख्स से प्यार हो गया था और दोनों बेहद नजदीक आ गए थे। प्रेमी भोपाल का रहने वाला था, जो लगातार लखनऊ आकर महिला से मिलता रहता था। डीसीपी के मुताबिक, प्रेमी ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है, जबकि महिला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट ग्रेजुएट है।
प्रेमी के साथ रहना था इसलिए बनाया प्लान
विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि महिला अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी इसलिए उसने पति को फंसाने के लिए पिछले साल अगस्त में खतरनाक प्लान बनाया। इससे पति जेल चला जाता और इस आधार पर वह तलाक ले लेती। इसी कारण प्रेमी और महिला ने मिलकर पति को गौ-हत्या के मामले में फंसाने का प्लान बनाया।
प्लान के मुताबिक प्रेमी फर्जी नाम से सोशल मीडिया पर एक दक्षिणपंथी समूह से जुड़ गया। अधिकारी ने आगे बताया कि सितंबर में उसने लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक पार्किंग में महिला के पति की एसयूवी में दो किलो मांस रख दिया। पुलिस के मुताबिक महिला ने प्रेमी को पति की गाड़ी की चाबी उसे दी थी।
इसके बाद प्रेमी ने दक्षिणपंथी समूह को यह जानकारी दे दी। लखनऊ में संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया और गाड़ी से मांस बरामद किया । पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हालांकि उसे एक माह बाद जमानत मिल गई। पुलिस ने आगे बताया कि महिला का पति कागज का व्यापारी है।
दूसरी बार फिर बनाया प्लान
डीसीपी ने बताया, जब इस प्लान ने पूरी तरह काम नहीं किया तो महिला ने एक और योजना बनाई। इस बार उसने पति का फोन इस्तेमाल कर ऑनलाइन एक डिलीवरी करने वाले ई-रिक्शा बुक की और ओटीपी समेत सभी डिटेल प्रेमी को भेज दिए। प्रेमी 14 जनवरी को लखनऊ पहुंचा और कथित तौर पर अपने साथ 10 किलो मांस लेकर आया और डिलीवरी करने वाले ई-रिक्शा में रखवा कर महिला के पति के एक कारखाने का पता दे दिया।
प्रेमी ने मांस को बोरी में पैक किया था और डिलीवरी वाले को काकोरी कारखाने का पता दिया, जो पति के कारखानों में से एक था।
डीसीपी ने बताया कि प्रेमी ने एक बार भी दक्षिणपंथी संगठन को इसकी जानकारी दी और फिर संगठन ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। काकोरी थाने की एक पुलिस टीम ने 15 जनवरी को उस ई-रिक्शे का रोका और मांस बरामद किया। इसके बाद पुलिस ई-रिक्शा चालक को थाने ले आई और उससे पूछताछ की।
सीसीटीवी से हुआ खुलासा
पूछताछ में पता चला कि उसे एक महिला ने फोन कर एक पते पर माल (बोरी) पहुंचाने को कहा है। इसके बाद पुलिस ने पति से भी पूछताछ की तो पति ने बताया कि उसने पत्नी पर शक होने के चलते अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। उसने कहा कि उसे शक है कि उसका किसी के साथ अफेयर चल रहा है।
पुलिस ने जब कैमरों की जांच की तो पाया कि घटना के दो दिन पहले जब पति बाथरूम में था, तब महिला अपने पति का फोन चला रही थी। गहराई से छानबीन करने पर पुलिस को पता चला कि उसने इसके बाद अपने प्रेमी से संपर्क किया था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर सोमवार को प्रेमी को पकड़ लिया और कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। लेकिन तब तक महिला अपना घर छोड़ चुकी थी।
पुलिस को मिली थी जानकारी
डीसीपी ने बताया कि पुलिस को एक टिप मिली थी कि महिला हाई कोर्ट में एक वकील से मंगलवार को मिलने वाली है। ऐसे में तीन पुलिसकर्मियों-एक दरोगा और दो कांस्टेबल को परिसर के बाहर निकलने तक नजर रखने को कहा और परिसर छोड़ने पर उसे वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया था।
लेकिन पुलिसकर्मियों ने जल्दबाजी की और परिसर में उसे पकड़ने चले गए। उन्होंने एक सरकारी वकील के कार्यालय जाने की झूठी जानकारी दी और पास जारी करवा लिया। तीनों सरकारी वकील के पास जाने के बजाय वहां पहुंच गए जिस वकील के पास वह महिला थी।
वकीलों ने किया हंगामा
पुलिसकर्मियों को देख वकीलों में जमकर हंगामा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट के सुरक्षा बलों और अतिरिक्त पुलिस बलों ने उन्हें परिसर से बाहर निकाला। इस दौरान वह महिला वहां से फरार हो गई, जो अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सकी है।
पुलिस ने बताया कि महिला और उसके प्रेमी पर गौहत्या एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पति को रिहा कर दिया है। डीसीपी ने कहा कि वाहन से बरामद मांस को जांच के लिए भेज दिया गया और रिपोर्ट का इंतजार है।
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