महिला एवं बाल विकास विभाग के अतंर्गत NGO द्वारा संचालित बाल गृह में कार्यरत कर्मचारियों को यथावत सेवा में रखे जाने के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

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छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: महिला एवं बाल विकास विभाग के अतंर्गत NGO द्वारा संचालित बाल गृह में कार्यरत कर्मचारियों ने यथावत सेवा में रखे जाने के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।

उन्होंने निवेदन करते हुए कहा है कि वे नीचे हस्ताक्षरकर्ता कर्मचारी गण महिला एवं बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अतर्गत NGO के माध्यम से संचालित बाल गृह में विगत कई वर्षों से निरंतर अपनी सेवाएं देते आ रहे है। वे सभी पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं मानव सेवा की भावना से बाल गृह में निवासरत निराश्रित, अनाथ एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल, पालन-पोषण के अलावा उनकी सुरक्षा एवं भविष्य निर्माण के लिए कार्य करते आ रहे हैं।

कोरोना महामारी जैसे भयंकर संकट के समय, जब पूरा देश भय और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था, उस समय भी वे सभी अपने परिवार एवं अपने छोटे-छोटे बच्चों और अपने घरों की चिंता छोडकर बाल गृह में रह रहे बच्चों का हर तरह से ध्यान रखा। कई महीनो तक वे बाल गृह परिसर में रहकर बच्चों के साथ रहे, उनकी देखभाल की, उनकी हर आवश्यकताओं का ध्यान रखा और उन्हें ये महसूस नहीं होने दिया कि वे देश के कठीन समय में अकेले हैं।

कर्मचारियों ने कहा कि जब पूरे समाज में लोग एक-दूसरे से दूरी बना रहे थे उस समय उन्होंने उन बच्चो को गले लगाया, उनका मनोबल बढाया, उनकी सेवा की और अपनी जान की परवाह किये बिना अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया, क्योंकि ये बच्चे ही उनके परिवार बन चुके हैं। यदि उस समय पीछे हट जाते तो उन मासूम बच्चों का क्या होता इसकी कल्पना मात्र से ही मन विचलित हो जाता है।

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लेकिन आज अत्यंत पीडा के साथ हमें यह ज्ञात हो रहा है कि हमारी सेवाओं को समाप्त करने अथवा हमें कार्य से हटाने की प्रकिया की जा रही है। जिससे समस्त कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक एवं मानसिक संकट खड़ा हो गया है। इसी पर सबके परिवारों की आजीविका पूर्णत निर्भर है। यदि उनकी सेवाएं समाप्त की जाती है तो न केवल उनके परिवार सडक पर आ जायेगे बल्कि बाल गृह की पूरी व्यवस्था भी प्रभावित होगी, क्योंकेि सभी कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाएं देते हुए इस कार्य में प्रशिक्षित एवं अनुभवी हो चुके हैं।

उन्होंने इस कार्य को कभी केवल नौकरी नहीं समझा बल्कि धर्म एवं कर्तव्य माना है। इन बच्चों के भविष्य के लिए उन्होंने अपना तन, मन, धन सबकुछ समर्पित किया है जिसका परिणाम है कि बाल गृह बालिका से 08 बालिकाओं का प्लेसमेन्ट भारत के विभिन्न राज्यों में हुआ है तथा 05 बालिकाओं का विवाह कराकर उनका भविष्य संवारा है व संस्था से 08 बालिकाओं का नेशनल खो-खो में राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है जिसके पश्चात उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर देश व छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

समस्त कर्मचारियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी से करबद्ध एवं हदय से निवेदन किया है कि उनकी सेवा, त्याग और समर्पण को ध्यान में रखते हुए NGO द्वारा संचालित बाल गृह में कार्यरत समस्त कर्मचारियों को यथावत सेवा में बनाये रखें ताकि वे आगे भी पूरी निष्ठा से अनवरत इन बच्चो और शासन की सेवा करते रहें।

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दीपक साहू

संपादक

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