तमिलनाडु
करूर/स्वराज टुडे: प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के प्रेम, सम्मान और पवित्रता से परिपूर्ण चेहरे में संसार को परमात्मा की झलक दिखाई देती थी। उनकी सदा आत्म-स्मृति की स्थिति ने हज़ारों आत्माओं को उस ईश्वरीय ज्ञान की ओर आकर्षित किया, जो स्वयं परमात्मा ने उन्हें दिया था। परमात्मा ने स्नेहपूर्वक उनका नाम ब्रह्मा बाबा रखा, जिनके माध्यम से एक सुंदर, दिव्य संसार की स्थापना का कार्य प्रारम्भ हुआ।

उक्त उदगार माउंट आबू से पधारे हुए बी के भगवान भाई जी ने कहे । वे स्थान ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेवाकेंद्र पर ब्रह्मा बाबा के 57 वे पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य पर एकत्रित ईश्वर प्रेमी भाई बहने को संबोधित करते हुए बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने सबसे पहले कदम बढ़ाया और अपना तन, मन, धन तथा सभी संबंध परमात्मा को समर्पित कर दिए। परमात्मा में उनके अटूट विश्वास ने उन्हें वह शक्ति दी, जिससे वे उन सभी चुनौतियों का सामना कर सके जो उस समय संसार में परमात्मा की उपस्थिति को समझ नहीं पाए थे—जिसे ब्रह्मा बाबा ने स्वयं अनुभव किया था। उनके पीछे चलते हुए हज़ारों आत्माओं ने अपने जीवन को नई दिशा दी और अनेक जन्मों से परमात्मा को पाने की अपनी इच्छा को पूरा किया।

भगवान भाई जी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा आध्यात्मिक ज्ञान, राजयोग मेडिटेशन, दैवी गुणों और निःस्वार्थ सेवा की सजीव प्रतिमूर्ति थे। उनका हर दिव्य विचार, वचन और कर्म संसार को परिवर्तन की ओर ले गया। उनके माध्यम से और उनसे जुड़ी आत्माओं के सहयोग से परमात्मा ने ब्रह्माकुमारी विश्व आध्यात्मिक संगठन को पोषित किया, जो 1936 से निरंतर विश्वभर में ईश्वरीय ज्ञान, जीवन-मूल्यों और राजयोग मेडिटेशन का संदेश फैलाता आ रहा है।ब्रह्मा बाबा दिव्यता और विनम्रता के प्रतीक बनकर जन्मे—परमात्मा द्वारा लाखों आत्माओं में से चुनी गई एक विशेष आत्मा।

उन्होंने कहा कि सन् 1969 की सर्दियों में, माउंट आबू में, इस संगठन को 33 वर्षों तक सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के बाद, ब्रह्मा बाबा ने 18 जनवरी की रात्रि अपनी देह-यात्रा पूर्ण की। अंतिम श्वासों के समय उन्होंने तीन दिव्य अवस्थाओं के नाम उच्चारित किए— निराकारी, निर्विकारी और निरहंकारी। उस रात्रि परमात्मा ने उन्हें उनके फ़रिश्ते रूप में अलौकिक लोक में बुला लिया। तब से वे परमात्मा के निरंतर साथी बनकर, अपने पवित्र फ़रिश्ते स्वरूप से संसार की सेवा कर रहे हैं।
स्थानीय ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र की प्रभारी बीके बीके शारदा बहन जी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा—स्मरण करने योग्य एक फ़रिश्ता, जिन्हें परमात्मा और संपूर्ण विश्व अत्यंत प्रेम, सम्मान और श्रद्धा से सदा याद करता है।
सभी ने मैं रहकर सारा दिन तपस्या कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।

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