Close Menu
Swaraj TodaySwaraj Today
    What's Hot

    Pilibhit: करोड़पति चपरासी के साम्राज्य के चौंकाने वाले खुलासे, 3 पत्नियां और 53 बैंक खाते, पुलिस ने फ्रीज किए ₹5.28 करोड़!

    April 15, 2026

    Korba: जिले में 19 अप्रैल को मेगा हेल्थ कैंप आयोजित, 2200 रुपए की बीएमडी जांच सहित सैकड़ों सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क, पं. विद्याधर शर्मा की पुण्यतिथि पर विशाल आयुर्वेद एवं मल्टी-स्पेशलिटी शिविर आयोजित, देशभर के विशेषज्ञ देंगे अपनी सेवाएं

    April 15, 2026

    आस्था स्थल कोसगई माता मंदिर के नीचे लगी भीषण आग, होटल में लगी आग ने मचाई तबाही, श्रद्धालु की कार सहित कई दुकानें जलकर खाक

    April 15, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, April 15
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • दुनिया
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • करियर जॉब
    • मनोरंजन
    Swaraj TodaySwaraj Today
    Home»Featured»6 साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को फांसी की सजा, 56 दिनों में आया 46 पन्नों का फैसला..लेकिन बचने के खुले हैं अब भी कई रास्ते
    Featured

    6 साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को फांसी की सजा, 56 दिनों में आया 46 पन्नों का फैसला..लेकिन बचने के खुले हैं अब भी कई रास्ते

    Deepak SahuBy Deepak SahuJanuary 8, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    n69605297617678317568948f70fe218c14e3c25db2e77bc38ae1d4f4cf2b4fe628c9227268ab0b40a9605f
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

    बांदा/स्वराज टुडे: यूपी के बांदा जिला सत्र विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने एक जघन्य अपराध के मामले में 24 वर्षीय अमित रैकवार को मौत की सजा सुनाई है. उस पर छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और हैवानियत का आरोप सिद्ध हुआ है.

    न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 46 पन्नों का फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी को मरते दम तक फंदे से लटका कर रखा जाए. इसके बाद उन्होंने कलम की निब तोड़ दी. न्यायधीश ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है. यह सनसनीखेज घटना 25 जुलाई 2025 को कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी. दोषी अमित रैकवार स्कूल से लौट रही छह साल की बच्ची को फुसलाकर अपने घर ले गया था. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को गुटखा मंगाने के बहाने रोका और फिर घर ले जाकर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं.

    दुष्कर्म के दौरान बच्ची के शरीर पर दांतों से काटने के कई निशान पाए गए और मेडिकल जांच में पता चला कि पीड़िता के शरीर में कई जगहों पर गंभीर चोटें थीं. पुलिस ने वारदात के बाद ही देर रात अमित रैकवार को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया. तीन दिन बाद पुलिस ने उसे जेल भेजा था. सात अक्टूबर 2025 को कालिंजर पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पॉक्सो एक्ट की धारा छह और भारतीय नवीन दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए.

    56 दिन में आया फैसला

    12 नवंबर को आरोप तय होने के बाद मुकदमा शुरू हुआ. बचाव पक्ष ने सबूतों की कमी का हवाला दिया लेकिन, अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया. कुल 56 दिनों तक चली सुनवाई के दौरान 10 गवाह पेश किए गए. इनमें पीड़िता का इलाज करने वाले तीन डॉक्टरों का पैनल, फॉरेंसिक, डीएनए, मेडिकल रिपोर्ट और बीएनएसएस की धारा 180 व 183 के तहत दर्ज बयान शामिल थे.

    यह भी पढ़ें :  Korba: राशन वितरण में गबन और अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई: पटपरा उचित मूल्य दुकान का अनुबंध निरस्त; दुकान के अध्यक्ष, सचिव और विक्रेता पर दर्ज होगी एफआईआर

    मौत की सजा को ही न्यायोचित बताया

    इन सभी सबूतों ने आरोपी को पुख्ता तौर पर दोषी साबित किया. सरकारी अधिवक्ता कमल सिंह ने कहा कि आरोपी ने मासूम को पहले बहलाया, फिर घर में ले जाकर दुष्कर्म किया. अधिवक्ता ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में बताते हुए मौत की सजा को ही न्यायोचित बताया. वहीं पुलिस अधीक्षक पलास बंसल ने पुलिस की कार्यवाही की सराहना की है.

    फाँसी की सजा तो मिलती है लेकिन कभी जारी नहीं होता डेथ वारंट

    निर्भया कांड के बाद दुष्कर्म और हत्या के मामले में कानून को और सख्त बना दिया गया, जिसमें फाँसी या उम्रकैद की सजा का प्रावधान है. ऐसे संगीन मामलों की जल्द कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की भी स्थापना की गई. लेकिन हैरानी की बात है कि निर्भया कांड के बाद ऐसे अपराधों में कोई कमी नहीं आई। दुष्कर्मियों को एक तो सजा सुनाने में काफी लंबा समय लग जाता है. और अगर फैसला आ भी गया तो उसको अमली जामा पहनाने में कई अड़चने सामने आ जाती है.

    इस मामले में आरोपी अमित रैकवार को फांसी की सजा तो सुना दी गई है लेकिन इस सजा से बचने के लिए उसके पास अभी भी कई विकल्प खुले हैं.

    फांसी की सजा मिलने के बाद भी फांसी न होने का कारण

    दुष्कर्मियों को फांसी की सजा मिलने के बाद भी फांसी न होने के कई कारण हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
    ● दया याचिका की प्रक्रिया : जब किसी दोषी को फांसी की सजा सुनाई जाती है, तो उसके पास दया याचिका दायर करने का विकल्प होता है। इस याचिका पर निर्णय होने तक फांसी नहीं दी जा सकती है। नए कानून के अनुसार, दया याचिका खारिज करने के निर्णय को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती, लेकिन यह प्रक्रिया अभी भी समय लेती है।
    ● अदालतों में लंबित मामले : अदालतों में लंबित मामलों की संख्या अधिक होने के कारण फांसी की सजा की पुष्टि होने में लंबा समय लग सकता है। इसके अलावा, दोषी के वकील फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं, जिससे और अधिक देरी हो सकती है।
    ● सबूतों की कमी और जांच में खामियां : कई मामलों में, पुलिस जांच में खामियां और सबूतों की कमी के कारण दोषियों को सजा नहीं मिल पाती है। इसके अलावा, गवाहों के बयान बदलने और पीड़ित के परिवार को धमकी मिलने के कारण भी मामले कमजोर हो सकते हैं।
    ● फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलना: कई मामलों में, अदालतें फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल देती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि दोषी ने अपराध के समय कम उम्र में किया था, या फिर उसने अपने अपराध के लिए पश्चाताप किया है।
    ● मानवीय अधिकारों का उल्लंघन : फांसी की सजा को लेकर मानवाधिकार संगठनों और अदालतों में बहस होती रहती है। कई बार फांसी की सजा को मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जाता है, जिससे इसकी सजा में देरी हो सकती है।

    यह भी पढ़ें :  Kanpur: नोटों की गड्डियों पर सोते थे अफजल और परवेज, किडनी रैकेट केस में बड़ा खुलासा

    इन कारणों के अलावा, फांसी की सजा देने की प्रक्रिया भी बहुत जटिल होती है। इसमें कई चरण होते हैं, जैसे कि डेथ वारंट जारी करना, फांसी की तारीख तय करना, और फांसी देने के लिए जेल प्रशासन की तैयारी। इन्हीं सब कारणों से यह कहा जा सकता है कि दुष्कर्मियों को फांसी की सजा सुनाना अलग बात है और फांसी पर लटका देना अलग ।

    यह भी पढ़ें: रक्षक ही बना भक्षक: दरोगा और उसके साथी ने चलती गाड़ी में दो घंटे तक नाबालिग से किया गैंगरेप, मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

    यह भी पढ़ें: पैसा मंदिर का और 50 में से 42 मुस्लिम छात्र! मंजूरी रद्द होने के बाद MBBS कर रहे छात्रों का क्या होगा? समझिए विवाद

    यह भी पढ़ें: खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट तक पहुंचा लॉरेंस बिश्नोई गैंग! पूर्व कोषाध्यक्ष के बेटे से मांगी 3 करोड़ की रंगदारी

    Swaraj Today converted
    Deepak Sahu

    Editor in Chief

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    Pilibhit: करोड़पति चपरासी के साम्राज्य के चौंकाने वाले खुलासे, 3 पत्नियां और 53 बैंक खाते, पुलिस ने फ्रीज किए ₹5.28 करोड़!

    April 15, 2026

    Korba: जिले में 19 अप्रैल को मेगा हेल्थ कैंप आयोजित, 2200 रुपए की बीएमडी जांच सहित सैकड़ों सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क, पं. विद्याधर शर्मा की पुण्यतिथि पर विशाल आयुर्वेद एवं मल्टी-स्पेशलिटी शिविर आयोजित, देशभर के विशेषज्ञ देंगे अपनी सेवाएं

    April 15, 2026

    आस्था स्थल कोसगई माता मंदिर के नीचे लगी भीषण आग, होटल में लगी आग ने मचाई तबाही, श्रद्धालु की कार सहित कई दुकानें जलकर खाक

    April 15, 2026

    राशिफल 15 अप्रैल 2026 : जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन

    April 15, 2026

    Kolkata: TMC की रैली में झंडा लेकर नारे लगाते नजर आए नाइजीरियाई नागरिक, भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत, कहा- चुनाव में विदेशी दखल बर्दाश्त नहीं

    April 15, 2026

    Amravati: 180 नाबालिगों का यौन शोषण, 350 अश्लील वीडियो, AIMIM से जुड़ा है आरोपी

    April 14, 2026
    Top Posts

    किचन में आया नया जुगाड़, ‘विश्वगुरु चूल्हा’ से बिना LPG-इंडक्शन के झटपट 25 लोगों का खाना तैयार, देखें वायरल वीडियो……

    March 22, 2026820 Views

    Mumbai: 38 साल की लेडी टीचर के जाल में कैसे फंसा 11वीं का छात्र ! पढ़िए एक शिक्षिका की डर्टी स्टोरी

    April 6, 2026751 Views

    रातों-रात खाते में पहुंचे 10 करोड़! लेकिन महिला ने जो फैसला लिया, वो कर देगा हैरान

    March 29, 2026668 Views
    Don't Miss

    Pilibhit: करोड़पति चपरासी के साम्राज्य के चौंकाने वाले खुलासे, 3 पत्नियां और 53 बैंक खाते, पुलिस ने फ्रीज किए ₹5.28 करोड़!

    April 15, 2026

    उत्तरप्रदेश पीलीभीत/स्वराज टुडे: जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्यालय में संबद्ध रहा करोड़पति चपरासी इल्हाम उर…

    Korba: जिले में 19 अप्रैल को मेगा हेल्थ कैंप आयोजित, 2200 रुपए की बीएमडी जांच सहित सैकड़ों सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क, पं. विद्याधर शर्मा की पुण्यतिथि पर विशाल आयुर्वेद एवं मल्टी-स्पेशलिटी शिविर आयोजित, देशभर के विशेषज्ञ देंगे अपनी सेवाएं

    April 15, 2026

    आस्था स्थल कोसगई माता मंदिर के नीचे लगी भीषण आग, होटल में लगी आग ने मचाई तबाही, श्रद्धालु की कार सहित कई दुकानें जलकर खाक

    April 15, 2026

    राशिफल 15 अप्रैल 2026 : जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन

    April 15, 2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • TikTok
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    About

    Owner & Chief Editor:
    DEEPAK SAHU

    Address:
    Punjabi Gurudwara Road, Purani Basti, Korba, Dist. - Korba, (C.G.) Pin - 495678

    Email:

    [email protected]

    Mobile:

    9827197872,
    8982710004

    Udyam Reg. No.:
    CG-10-0001978

    Post Calendar
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Important Pages
    • Home
    • About Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    © 2026 Swaraj Today. Designed by Nimble Technology.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.