मेरी मम्मी से खींचकर ले गए थे मेरे पापा को और…; ज्वाइनिंग लेटर पाकर भावुक हुई 84 की दंगा पीड़िता

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नई दिल्ली/स्वराज टुडे : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों के परिवारों को ज्वाइनिंग लेटर सौंपे। पीड़ित परिवार की मनजीत कौर ने कहा कि यह हमारे लिए एक भावुक क्षण है, क्योंकि रेखा गुप्ता के सहयोग से 41 साल बाद हमें न्याय मिला है।

मनजीत कौर ने कहा कि हम रेखा गुप्ता और मनजिंदर सिंह सिरसा को धन्यवाद देते हैं। यह नौकरी हमारे लिए बहुत मायने रखती है। जब मैं सिर्फ दो साल की थी, तब मेरे पिता समेत मेरे परिवार के चार लोगों का दंगों में कत्ल कर दिया गया था।

ज्वाइनिंग लेटर पाने के बाद मनजीत कौर ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है। रेखा गुप्ता जी के सहयोग से 41 साल बाद न्याय मिला है। उन्होंने जो वादे किए थे, वो निभाए हैं। दंगा पीड़ितों को इंसाफ मिला है। कहा कि यह नौकरी उनके लिए बहुत मायने रखती है। एक घर में प्राइवेट नौकरी के भी बड़े मायने हैं, यह तो सरकारी नौकरी है। इसका बहुत वैल्यू है। आज के जमाने में जब इतनी महंगाई तो इस नौकरी की बहुत वैल्यू है।

दंगा का जिक्र करते हुए मनजीत ने कहा कि उस समय मैं सिर्फ 2 साल की थी। दंगाई मेरी मम्मी से खींचकर मेरे पापा को ले गए थे। उनके गले में टायर डालकर जलाया था उनको। मेरी मम्मी चीखती चिल्लाती रही। मेरे पापा के बड़े भाई, उनकी पत्नी, उनका बेटा सबको मार दिया गया। मेरी फैमिली के चार लोगों को शहीद किया गया।

मनजीत ने कहा कि मैं बयां नहीं कर सकती उस पल को। अभी भी मेरी मम्मी बताती है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। रेखा गुप्ता के बारे में मनजीत कौर ने कहा कि उन्होंने जो हमारे लिए काम किया है, उसे वह कभी भुला नहीं सकती।

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दीपक साहू

संपादक

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