नई दिल्ली/स्वराज टुडे: इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी मेघालय पुलिस ने मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।जांच के दौरान सामने आया कि हत्या के बाद सोनम रघुवंशी बुर्का पहनकर शिलॉन्ग से फरार हो गई थी।
वह टैक्सी, बस और ट्रेन के जरिए गुवाहाटी, सिलिगुड़ी, पटना और लखनऊ होते हुए इंदौर तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश फरवरी में ही शुरू हो गई थी, लेकिन इसका अंतिम प्लान इंदौर में शादी से ठीक पहले तैयार किया गया, जिसमें सोनम खुद भी शामिल थी।
दोस्ती में दिया साथ
मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि आरोपी राज कुशवाहा के साथ गिरफ्तार किए गए विशाल, आकाश और आनंद को शुरुआत में सुपारी किलर समझा गया था, लेकिन बाद में पता चला कि वे राज के दोस्त हैं और उन्होंने पैसे के लिए नहीं, बल्कि दोस्ती में उसका साथ दिया। हालांकि, राज ने उन्हें खर्चे के लिए 50 हजार रुपये जरूर दिए थे।
एक और महिला की हत्या की थी प्लानिंग
पुलिस के मुताबिक, आरोपी चाहते थे कि राजा की हत्या के बाद सोनम के लापता होने की कहानी बनाई जाए। इसके लिए प्लान था कि किसी दूसरी महिला की हत्या कर दी जाए और उसकी पहचान सोनम के रूप में करवा दी जाए, ताकि लोगों को लगे कि सोनम भी मारी जा चुकी है या नदी में बह गई है। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे मारा गया राजा?
पुलिस के अनुसार, 19 मई को आरोपी असम पहुंचे थे और पहले गुवाहाटी में राजा की हत्या की योजना बनाई गई, जो असफल रही। इसके बाद सोनम के सुझाव पर सभी शिलॉन्ग, सोहरा गए और वेसाडोंग फॉल्स के पास मिले। दोपहर 2 से 2:18 के बीच, तीनों आरोपियों ने सोनम की मौजूदगी में ही राजा की हत्या कर दी और उसका शव खाई में फेंक दिया। हत्या के बाद सोनम ने खून से सनी शर्ट छुपाने के लिए आकाश को अपना रेनकोट दिया। वही रेनकोट और टू-व्हीलर बाद में घटनास्थल के पास से बरामद हुए, जिससे पुलिस को सोनम के ‘लापता’ होने की कहानी पर शक हुआ।
फिल्मी स्टाइल में फरार होने की कहानी
राजा की हत्या के बाद सोनम को पुलिस से बचाने के लिए विशाल ने उसे बुर्का पहनाया। इसके बाद वह पुलिस बाजार से टैक्सी लेकर गुवाहाटी गई, फिर सिलिगुड़ी, आरा, पटना, लखनऊ होते हुए इंदौर पहुंची। वहीं से उसने खुद को अगवा बताकर पेश करने की योजना बनाई थी।
ऐसे खुला राज?
इस केस में सबसे अहम सुराग तब मिला जब एक टूर गाइड ने राजा, सोनम और तीन अन्य युवकों को एक साथ देखा था। राज ने सोनम से कहा था कि वह खुद को अगवा बताकर सिलिगुड़ी में लोगों के सामने आए, ताकि उस पर किसी को शक न हो। लेकिन 8 जून को सोनम जैसे ही इंदौर से बाहर निकली, यूपी और मध्यप्रदेश में पुलिस की टीमें पहले ही पहुंच चुकी थीं। जब यूपी में पहली गिरफ्तारी हुई, तो घबराकर राज ने सोनम से कहा कि वह अपने परिवार को कॉल कर कहे कि वह किसी गैंग से भागी है। यहीं से पुलिस को पूरा शक हुआ और सोनम गाजीपुर में पुलिस के सामने पेश हुई।
जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अभी सभी पांचों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। डीआईजी डीएनआर मराक ने कहा कि एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और असम समेत अन्य राज्यों की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले से इलाके की रेकी की थी।







