चाकू से गोदकर 11वीं की छात्रा की निर्मम हत्या, स्कूल बैग से सिंदूर की मिली डिबिया

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उत्तरप्रदेश
प्रयागराज/स्वराज टुडे: प्रयागराज में मनसैता नदी किनारे लखरावां गांव में जमीन पर दफन मिली लड़की की पहचान हो गई है। सोरांव थानाक्षेत्र के बनकट गांव की 17 वर्षीय साक्षी यादव के रूप में शिनाख्त हुई है। वह अपने सैन्यकर्मी फूफा के घर न्यू कैंट में रहकर जीजीआईसी कटरा में कक्षा 11वीं की पढ़ाई कर रही थी।

साक्षी को 7 बार चाकू से गोदा गया

मृतका की चौबीस घंटे बाद शिनाख्त होने पर पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम कराया। साक्षी को चाकू से सात वार कर मौत के घाट उतारा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर एक और गले पर चाकू के छह गहरे निशान मिले हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में साक्षी के किसी परिचित युवक के वारदात को अंजाम देने की आशंका है। पुलिस के हाथ अहम सुराग भी लगे हैं।

10 नवंबर से लापता थी साक्षी

बनकट गांव के ज्ञानेंद्र कुमार यादव की बेटी साक्षी यादव पिछले तीन साल से अपने फूफा श्यामलाल व बुआ संगीता के साथ न्यू कैंट स्थित आर्मी क्वॉर्टर में रहती थी। फूफा श्यामलाल सेना में हवलदार हैं। साक्षी दस नवंबर की सुबह लगभग आठ बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी लेकिन, देर शाम तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने कैंट थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।

15 नवंबर को साक्षी का शव दफन मिला था

शिक्षकों ने बताया कि उस दिन साक्षी स्कूल पहुंची ही नहीं थी। लापता होने के दूसरे दिन 11 नवंबर की सुबह थरवई थाना क्षेत्र के देवरिया गांव के समीप नेशनल हाईवे किनारे साक्षी का स्कूल बैग लावारिस हालात मिला था। बैग में किताब समेत आधारकार्ड, सिंदूर की डिबिया व छोटा शीशा मिले थे जबकि, 15 नवंबर की सुबह लगभग एक किमी दूर लखरावां गांव में मनसैता नदी किनारे जमीन में दफन शव मिला। देर रात थरवई व कैंट थाना पुलिस ने साक्षी के परिजनों से संपर्क कर शव की शिनाख्त करवाई। साक्षी का शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। कैंट व थरवई पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है।

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सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस कैंट से लेकर घटनास्थल के मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुट गई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो दस नवंबर की सुबह साक्षी ई-रिक्शा से बैठकर बाबा चौराहे तक जाती दिखी है। लेकिन, इसके बाद किसी फुटेज में वह नहीं दिख रही है। उधर, घटनास्थल से मात्र एक किमी दूर हाईवे किनारे एक दिन पहले स्कूल बैग मिलने पर आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

आखिर किससे ऑनलाइन होती थी बात

मृतका के परिजनों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह बिना सिम के मोबाइल से इंस्टाग्राम पर किसी युवक से बात करती थी। पुलिस मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो युवक का इंस्टाग्राम आईडी मिलने पर पुलिस को अहम सुराग मिला है। हालांकि पुलिस ने अभी तक युवक के बारे में जानकारी साझा नहीं की है।

हत्या में एक से अधिक के शामिल होने की आशंका

पुलिस को शक है कि इंटाग्राम पर बात करने वाले युवक ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर वारदात को अंजाम दिया होगा। हालांकि, पुलिस का यह भी मानना है कि जिस तरह शव के पैर व गले में अलग-अलग दुपट्टा बंधा मिला और शव को दफनाने का भी प्रयास किया गयाथा।  इससे हत्या में किसी एक नहीं बल्कि अन्य लोगों के भी शामिल होने की भी आशंका है।

डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य के अनुसार शव की शिनाख्त होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं। कुछ संदिग्धों को भी चिह्नित किया गया है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।

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अपहरण का मामला दर्ज  कर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही पुलिस

साक्षी हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। साक्षी के परिजनों ने दस नवंबर की देर शाम कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था जबकि, 11 नवंबर की सुबह थरवई थाना क्षेत्र के देवरियां गांव के समीप हाईवे किनारे साक्षी का स्कूल बैग मिला था। स्कूल बैग में कॉपी-किताब के अलावा सिंदूर की डिबिया तक मिली थी लेकिन, दोनों थाने की पुलिस ने न तो साक्षी की गहनता से खोजबीन की और न ही बैग मिलने स्थान के आसपास सर्च आपरेशन चलाया। स्कूल बैग मिलने की जगह से मात्र एक किमी दूरी पर ही 15 नवंबर की सुबह साक्षी का जमीन में दफन शव मिला।

पोस्टमॉर्टम हाउस में मृतका के परिजनों ने पुलिस की लापरवाही के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की है। साक्षी 11वीं की छात्रा और नाबालिग थी। इसके बावजूद अपहरण का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस सक्रिय नहीं हुई। यदि पुलिस तत्काल मामले को गंभीरता से लेती, तो शायद साक्षी की जान बच सकती थी। यहां तक कि पुलिस सुबह शव मिलने के घंटों बाद देर रात शिनाख्त कर सकी। जबकि चार दिन पहले घटनास्थल से लगभग एक किमी दूर साक्षी का हाईवे किनारे लावारिस बैग मिला था। जिसे मृतका के परिजनों ने पहचान भी की थी।

घटनास्थल से वाकिफ था हत्यारोपी

पुलिस की जांच में एक बात और सामने आई है कि साक्षी का हत्यारोपी मनसैता नदी किनारे लखरावां गांव के सूनसान जगह से अच्छी तरह वाकिफ था। साक्षी का ननिहाल पैगम्बरपुर और पैतृक गांव बनकट घटनास्थल से ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे में हत्यारोपी को ननिहाल अथवा पैतृक गांव के होने की आशंका है।

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सेना के अधिकारियों ने भी ली जानकारी

न्यू कैंट में सैन्यकर्मी फूफा श्यामलाल के आवास में रहकर पढ़ाई करने वाली साक्षी की हत्या की जानकारी होने पर सेना के अधिकारियों ने भी जानकारी ली। सेना के अधिकारियों ने रविवार को एसीपी थरवई चंद्रपाल सिंह के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की।

बहरहाल अभी तक साक्षी के हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे ।

दीपक साहू

संपादक

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