मृतक के शव को एक पल के लिए भी अकेला क्यों नहीं छोड़ते हैं? जाने इसका धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

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जीवन और मृत्यु ये दोनों ही ऊपर वाले के हाथ में होता है। उसकी मर्जी के बिना न तो किसी का जन्म होता है और न ही किसी की मृत्यु होती है। मौत के बाद मरने वाले का पूर्ण विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जाता है।

यह प्रक्रिया जितनी जल्दी हो सके की जाती है। हालांकि कई बार ऐसा भी होता है कि शव का अंतिम संस्कार करने में समय लग जाता है। इसकी कई वजहें हो सकती है। उदाहरण के लिए मृतक के रिश्तेदारों को आने में समय लग रहा है या मृतक की मौत सूर्यास्त के बाद हुई है जिसके चलते सुबह तक दाह संस्कार के लिए इंतजार किया जाता है।

ऐसी स्थिति में हमे एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मृतक के शव को भूलकर भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। दाह संस्कार की प्रक्रिया होने तक उसके पास कोई न कोई जरूर रहना चाहिए। इस बात का जिक्र हमारे धर्म ग्रंथों में भी देखने को मिलता है। खासकर गरुड़ पुराण में इस बारे में विस्तार से बताया गया है। तो चलिए जानते हैं कि वह क्या वजह है जिसके चलते हमे मरने वाले के शव को एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

1. गरुड़ पुराण की माने तो मृतक के शरीर को अकेला छोड़ना ठीक नहीं है। दरअसल नकारात्मक शक्तियां रात के समय ज्यादा एक्टिव रहती हैं। मृतक को अकेला छोड़ने पर ये बुरी शक्तियां उसके शव में प्रवेश कर सकती है। यह चीज परेशानी की वजह बन सकती है। इसलिए रात को शव को अकेला कभी न छोड़ें।

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2. व्यक्ति के मरने के बाद भी उसकी आत्मा अपने शव के आसपास ही भटकती रहती है। ऐसे में यदि आप उनके शव को अकेला छोड़ देते हैं तो मरने वाले को दुख होता है। उसे लगता है कि अंतिम समय में भी उसके रिश्तेदारों को उसकी परवाह नहीं है। ऐसे में वह दुखी आत्मा आपको श्राप भी दे सकती है। ऐसा हुआ तो आपके परिवार के साथ भविष्य में बुरी घटनाएं हो सकती है।

3. शव को अकेला न छोड़ने की एक वजह कीड़े मकोड़े का पनपना भी होता है। यदि आप शव को अकेला छोड़ दें तो इस बात के चांस अधिक बढ़ जाते हैं कि छोटे-छोटे कीड़े शव को नुकसान पहुंचा दें। इसलिए शव को अकेला छोड़ने की भूल कभी न करें।

4. कुछ लोग शव के अंगों या बालों का इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं में भी करते हैं। ऐसा होने पर मरने वाले की आत्मा को मोक्ष प्राप्त नहीं हो पाता है। इस वजह से भी रिश्तेदारों को मृतक के शव को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

5. शव को अधिक देर तक रखने से उसमें से गंध निकलने लगती है। इसकी वजह से बैक्टीरिया पनपना शुरू हो जाते हैं। मक्खियां भी भिनभिनाने लगती हैं। यही वजह है कि लोग शव के आसपास बैठकर अगरबत्ती जलाते रहते हैं।

बस यही कुछ प्रमुख कारण हैं जिसके चलते हमे भूलकर भी मृतक के शरीर को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। मानवता के आधार पर भी ऐसा करना गलत होगा। हमे मरने वाले को पूर्ण मान सम्मान के साथ विदा करना चाहिए।

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दीपक साहू

संपादक

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