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निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ग्रामीण आया था नामांकन भरने, CO ने धक्के देकर निकाला, कहा- तुम्हारी औकात नहीं…. !

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उत्तरप्रदेश
कौशांबी/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश के कौशांबी लोकसभा सीट से एक वीडियो वायरल हुआ है. यहां निर्दलीय प्रत्याशी छेद्दु कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल कर ढपली बजाकर निकल रहा था. यह देख डीएसपी सतेंद्र तिवारी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने प्रत्याशी को धक्का दिया और कहा कि तुम्हारी औकात कैसे हुई यहां बजाने की, एक मिनट में ठीक कर दूंगा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

सिराथू तहसील इलाके के तैबापुर शमसाबाद गांव के रहने वाला छेददू दलित बर्तन बेचने का काम करता है. छेददू की क्षेत्र में एक अलग पहचान है वो पिछले 24 सालों से हर चुनाव में अपनी किस्मत जरूर आजमाता है. छेददू की चुनाव लड़ने व प्रचार करने का तरीका बेहद अनोखा है. चुनाव में भले ही उसे वोट न मिले पर उसके प्रचार को देखने भीड़ जरूर जमा हो जाती हैं. छेददू के मुताबिक वो जनपद में अब तक 11 बार चुनाव लड़ चुका है.

CO ने प्रत्याशी को धक्का दिया और अपशब्द कहे

गुरुवार को छेददू अपनी 95 साल की मां धनपतिया देवी, पत्नी उर्मिला एवं भाई व उनकी पत्नी को अपना प्रस्तावक बनाकर नामांकन दाखिल करने पहुंचा था. छेददू ने अपने गले में अपने नेम प्लेट की तख्ती, हाथ में ढपली लेकर नामांकन स्थल पर आया था. पर्चा दाखिल कर वह वापस लौट रहा था तभी रास्ते में लोगों का ध्यान अपनी तरफ खीचने की लिए ढपली बजाने लगा. यह देख सीओ संत्येंद्र तिवारी गुस्से में लाल हो गए और उन्होंने छेददू धक्का दिया और बदसूलूकी की. इस दौरान CO ने कहा कि तुम्हारी औकात कैसे हुई यहां बाजा बजाने की, तुम्हें ठीक कर दूंगा. इसके बाद उसकी ढपली को भी जब्त कर लिया गया.

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प्रत्याशी छेद्दू को धक्का देने का वीडियो वायरल

इस मामले पर छेददू ने कहा कि वो एक गरीब प्रत्याशी हैं. इसलिए उन्हें धक्का देकर भगा दिया गया. वहीं, इस मामले पर कौशांबी पुलिस प्रेस नोट जारी कर बताया कि लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 का नामांकन करने के पश्चात निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा नामांकन परिसर के 100 मीटर के दायरे में डुगडुगी बजाकर नारेबाजी की जा रही थी. उसके ऐसा करने से असहज स्थिति उत्पन्न हो रही थी. आदर्श आचार संहिता के दृष्टिगत उन्हें कई बार मना किया गया बावजूद इसके वो नहीं माने. जिस पर क्षेत्राधिकारी मंझनपुर द्वारा उन्हे परिसर से बाहर निकाल दिया गया.

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Deepak Sahu

Editor in Chief

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