शख्स के पहले कट गए दोनों हाथ…फिर हुआ चमत्कार…बाजुओं में आ गई जान, डॉक्टर भी हैरान

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नई दिल्ली/स्वराज टुडे: दुनिया में कुछ काम ऐसे होते हैं, जिसमें भगवान की कृपा के साथ-साथ डॉक्टरों का प्रयास भी महत्वपूर्ण होता है. इसके बाद ही कामयाबी मिलती है. तकरीबन दो महीने पहले दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट ने एक ऐसा ही कारनाम किया था, जो डॉक्टरी पेशे में अमूमन बहुत कम ही देखने को मिलता है.

एक शख्स के दोनों कटे हाथों में एक मर चुकी महिला का हाथ लगा दिया. कुदरत का करिश्मा देखिए कि कुछ दिन पहले ही उस मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिली है. डॉक्टरों की मानें तो वह शख्स रोजमर्रा का काम करना शुरू कर दिया है. 6 महीने के बाद वह शख्स भारी से भारी सामान भी उठा सकता है.

आदमी में लगा दिया मृतक महिला का हाथ

आपको बता दें कि सर गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ महेश मंगल और डॉ निखिल झुनझुनवाला सहित 7 डॉक्टरों की टीम ने लगभग तीन साल पहले एक दुर्घटना में दोनों हाथ गवां चुके एक शख्स का महिला का हाथ लगा कर तहलका मचा दिया. आपने यह पहली बार सुना होगा कि किसी आदमी में महिला का हाथ लगा वह भी मर चुकी महिला का हाथ.

भारत में भी होने लगे हैं इस तरह के चमत्कार

सबसे आश्चर्य की बात यह है कि डॉक्टरों ने 65 साल की एक ब्रेन डेड महिला का हाथ एक 45 साल के पुरुष को ट्रांसप्लांट कर लगा दिया. वह शख्स अब खुद ही अपने हाथों से खाना खा सकता है और आम आदमी की तरह अन्य काम भी कर रहा है. मेडिकल साइंस सच में चमत्कारों की दुनिया है. मौत के मुंह में जाते लोगों को नया जीवन मिल रहा है, अंग विहीन लोगों को भी अब नए अंग मिल रहे हैं. खासकर दूसरे शख्स का अंग किसी दूसरे व्यक्ति को लगाया जा रहा है. नई दिल्ली के गंगा राम हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक 45 साल के शख्स को नया जीवन दिया है. एक ब्रेन डेड महिला ने इस शख्स के हाथों में नई जान फूंक दी है.

तीन साल पहले 45 वर्षीय इस युवक की ट्रेन दुर्घटना में कट गए थे दोनों हाथ

तीन साल पहले 45 वर्षीय इस युवक की ट्रेन दुर्घटना में दोनों हाथ कट गए थे. गंगाराम हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ब्रेन डेड महिला के दोनों हाथ काटकर उस युवक को लगा दिए और हाथों का यह प्रत्यारोपण पूरी तरह से सफल रहा है. ब्रेन हेमरेज की शिकार महिला के अंगदान से यह संभव हो पाया है. महिला ने लीवर, किडनी और आंख भी दान कर दिया. 12 घंटे की लंबी सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने युवक के दोनों हाथ लगाने में कामयाब पाई.

ऐसे काम कर रहा है शख्स

ब्रेन डेड महिला दिल्ली की कालका जी में रिटायर वाइस प्रींसिपल थी. इस महिला की एक किडनी फोर्टिस गुड़गांव भेजी गई, जहां एक मरीज को वह किडनी लगाई गई है. इसके अलावा महिला के दोनों हाथ, लीवर और कॉर्निया सर गंगाराम अस्पताल अलग-अलग मरीजों को ट्रांसप्लांट की गई हैं. दोनों हाथों का प्रत्यारोपण उत्तर भारत में पहला ऐसा प्रत्यारोपण है. इससे पहले मुंबई में इस तरह का प्रत्यारोपण हो चुका है.

इस सर्जरी को अंजाम देने वाले डॉक्टर्स की टीम को डॉ. महेश मंगल लीड कर रहे थे.

इस सर्जरी को करने वाले डॉ महेश मंगल देश के जाने-माने प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जन हैं. डॉ मंगल अभी गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन सह एचओडी हैं. डॉ मंगल  बातचीत में कहते हैं, ‘इस ट्रांसप्लांट में मरीज से अस्पताल ने किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया है. लेकिन, भारत में हाथों के ट्रांसप्लांट कराने में अमूमन 25 से 30 लाख रुपये खर्च आता है. आने वाले समय में जैसे-जैसे इसके बारे में लोगों को पता चलेगा, उन लोगों के अच्छा होगा जिनका किसी न किसी कारण से हाथ कट गया है और उनको कहीं न कहीं परेशानी हो रही है.

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दीपक साहू

संपादक

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