गुजरात
राजकोट/स्वराज टुडे: राजकोट में एक डॉक्टर ने क्लीनिक में गुप्त कैमरे लगाकर 3000 वीडिया जमा कर जबरन वसूली की वारदात की है. डॉक्टर क्लीनिक के मालिक को ही ब्लैकमेल कर रहा था और उससे वसूली कर रहा था. ये वीडियो उसने पत्रकारों को भी दे दिए, जिसके बाद ये भी क्लीनिक मालिक पर दबाव बना रहे थे.
इन धाराओं के तहत पुलिस ने दर्ज किया मामला
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में डॉक्टर और बारह अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक साजिश, जान से मारने की धमकी और आईटी एक्ट सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
डीसीपी क्राइम जगदीश बंगरवा ने मीडिया को बताया कि आरोपी डॉ. कमल नंधा के पास बीएचएमएस की डिग्री है. उसने क्लिनिक में बल्ब होल्डर में एक जासूसी कैमरा लगाया था. इस कैमरे में उन्होंने एक मेमोरी कार्ड भी छिपा रखा था. मेमोरी कार्ड में रिकॉर्ड किए गए वीडियो सेव किए जाते थे. जब भी मौका मिलता, कैमरे में लगा मेमोरी कार्ड बदल देता था.
पिछले 3 सालों किया जा रहा था वीडियो रिकॉर्ड
जाँच के दौरान यह बात सामने आई है कि डॉ. कमल 2023 से जासूसी कैमरे की मदद से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे. यह भी पता चला है कि उन्होंने अब तक जासूसी कैमरे की मदद से लगभग 3000 से 4000 वीडियो प्राप्त किए हैं.
क्लीनिक के मालिक ने तथाकथित पत्रकारों पर लगाया गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता डॉक्टर के अनुसार, उनकी महिला मित्र के साथ निजी पलों का वीडियो भी बनाई गई है. उसे कुछ पत्रकारों को दे दिया. इनमें सत्य गर्जना न्यूज के हिरेन मकवाना, अजय चुडासमा और हार्दिक डोडिया शामिल हैं। इसके अलावा, इस वीडियो को राजकोट हेडलाइंस के जगदीश तेरैया, भारत टाइम्स के जिगर सोढ़ा, भारत टाइम्स के घनश्याम पटेल, भारत टाइम्स के जतिन नथवानी, जतिन नथवानी की पत्नी स्वाति नथवानी, भारत हेडलाइंस के अमित ठक्कर, बी1 न्यूज के भरतभाई आदि विभिन्न समाचार चैनलों शामिल हैं.
ये है पूरा मामला
साधु वासवानी रोड स्थित ‘गौतम क्लीनिक’ की है. यहां काम करने वाले डॉ. कमल नांढा ने क्लीनिक के लेबर रूम में लगे एक बल्ब होल्डर के अंदर स्पाय कैमरा फिट कर दिया था. जब भी लाइट जलाई जाती, कैमरा अपने आप रिकॉर्डिंग शुरू कर देता था.
जांच में पता चला कि आरोपी डॉ. कमल को एक महिला डॉक्टर से एकतरफा प्यार था. इसी कारण उसने कैमरा लगाया था. हालांकि, बाद में उसने क्लीनिक के मालिक डॉक्टर के निजी पलों का रिकॉर्ड कर लिया. इसमें मरीजों को इंजेक्शन लगाते समय के वीडियो रिकॉर्ड कर लिए और फिरौती का प्लान बनाया.
फर्जी पत्रकारों के साथ सांठगांठ
डॉ. कमल ने इन वीडियो फुटेज को कुछ कथित पत्रकारों जैसे सत्यनी गर्जना, भारत टाइम्स, राजकोट हेडलाइंस आदि के साथ साझा किया. इसके बाद इन सभी ने मिलकर डॉक्टर को बदनाम करने की धमकी देना और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. आरोपियों ने डॉक्टर से इन वीडियो को वायरल न करने के बदले 25 लाख रुपये की मांग की. डॉक्टर ने डर के मारे शुरुआत में 50 हजार रुपये आरोपियों को दे भी दिए थे.
यह सिलसिला जून 2024 से लगातार चल रहा था. आरोपी बार-बार फोन, मैसेज और पैम्फलेट बनाकर डॉक्टर को डराते थे. हाल ही में जब उत्पीड़न बहुत बढ़ गया, तो पीड़ित डॉक्टर ने पुलिस से संपर्क किया.
पुलिस ने की लोगों से ये अपील
राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने डॉक्टर और पत्रकारों सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपियों के पास से 3000 से अधिक वीडियो रिकॉर्डिंग बरामद हुई हैं. पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति मीडिया या पत्रकार के नाम पर ब्लैकमेल करता है, तो डरे नहीं. तुरंत क्राइम ब्रांच या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं.

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