12वीं में फेल, स्कूल से निकाले गए, 10 बार रिजेक्ट हुए, फिर भी आज देश के टॉप IAS-IPS अफसर हैं. इन अधिकारियों ने यह साबित किया कि UPSC में मार्कशीट नहीं, जिद चलती है. जानिए फेल होने के बाद UPSC पास करने वाले स्टूडेंट्स की सक्सेस स्टोरी.
अगर आपने कभी स्कूल में फेल होने के बाद खुद को कमजोर समझ लिया हो, तो ये कहानियां आपकी सोच बदल देगी. कुछ समय पहले आई फिल्म ’12th Fail’ ने IPS मनोज कुमार शर्मा की जिंदगी को बड़े पर्दे पर उतारकर लाखों युवाओं को इंस्पायर किया, लेकिन मनोज शर्मा अकेले नहीं हैं. देश की सबसे कठिन एग्जाम UPSC पास करने वाले कई अफसर ऐसे हैं, जो कभी स्कूल में फेल हुए, एवरेज नंबर लाए या लगातार फेल हुए, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी. इस आर्टिकल में जानिए स्कूल में फेल रहे उन 5 स्टूडेंट्स की सक्सेस स्टोरी, जो बाद में IAS-IPS अफसर बनें.
अवनीश शरण: 10 बार फेल, फिर भी IAS
बिहार के अवनीश शरण आज सोशल मीडिया पर युवाओं के सबसे बड़े मोटिवेटर माने जाते हैं. स्कूल में वे कभी टॉपर नहीं रहे, 10वीं में सिर्फ 44.7%, 12वीं में 65% और ग्रेजुएशन में 60% अंक लाए. स्टेट पीसीएस की परीक्षा में 10 बार फेल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. UPSC के पहले इंटरव्यू में असफल हुए, लेकिन 2009 में दूसरे प्रयास में AIR 77 हासिल की. आज वे छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी, बिलासपुर में तैनात हैं.
मनोज कुमार शर्मा: 12वीं फेल, अब IPS
फिल्म ’12th Fail’ के असली हीरो मनोज कुमार शर्मा की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं. 9वीं-10वीं में थर्ड डिवीजन, 12वीं में हिंदी छोड़कर सभी विषयों में फेल, गरीबी ऐसी कि टेंपो चलाया, फुटपाथ पर सोए, लाइब्रेरी में काम किया.दिल्ली की एक लाइब्रेरी में नौकरी करते हुए उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी. चौथे प्रयास में 2005 में ऑल इंडिया रैंक 121 लाकर IPS बने. आज वे महाराष्ट्र कैडर के IPS अधिकारी हैं और उनकी पत्नी IRS श्रद्धा जोशी हैं.
आकाश कुलहरी: स्कूल से निकाले गए, IPS बने
राजस्थान के आकाश कुलहरी को 10वीं में खराब अंकों के कारण स्कूल से निकाल दिया गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन लेकर दोबारा मेहनत की और 12वीं में 85% अंक हासिल किए. MPhil के साथ-साथ UPSC की तैयारी की और IPS बने. कानपुर में एडिशनल पुलिस कमिश्नर, प्रयागराज में जॉइंट CP जैसे अहम पदों पर काम करने के बाद आज वे लखनऊ में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) हैं.
रुक्मणी रियार: 6वीं क्लास में फेल, UPSC में दूसरी रैंक
पंजाब के गुरदासपुर में पली-बढ़ीं रुक्मिणी रियार का बचपन आसान नहीं था. जब उन्हें डलहौजी के सेक्रेड हार्ट स्कूल में भेजा गया, तो नए माहौल और माता-पिता से दूरी ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया. नतीजा क्लास 6 में ही फेल हो गईं, लेकिन यही असफलता उनकी जिंदगी का मोड़ बनी. उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से सोशल साइंस में ग्रेजुएशन और फिर TISS मुंबई से मास्टर्स किया. बिना किसी कोचिंग पहले ही प्रयास में UPSC 2011 में ऑल इंडिया दूसरी रैंक (AIR 2) हासिल कर ली. आज वे हरियाणा कैडर की IAS अधिकारी हैं.
अंजू शर्मा: बोर्ड एग्जाम में फेल, 22 की उम्र में IAS
अंजू शर्मा स्कूल के दिनों में पढ़ाई के दबाव से जूझ रही थीं. 10वीं के प्री-बोर्ड में केमिस्ट्री में फेल और 12वीं में इकोनॉमिक्स में असफल रहीं. लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी पढ़ाई की स्ट्रैटजी बदली. नतीजा ये हुआ कि उन्होंने BSc और MBA में गोल्ड मेडल जीते और महज 22 साल की उम्र में पहले ही अटेम्प्ट में UPSC क्लियर कर लिया. 1991 बैच की ये अधिकारी आज गुजरात सरकार में प्रिंसिपल सेक्रेटरी (लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट) हैं.
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