● एक RES SDO पूरे प्रशासन पर भारी ❓️
● लूंड्रा में 2016 से एक ही जगह पदस्थ SDO, क्या ट्रांसफर नीति यहां लागू नहीं होती ❓️
● लगातार 9 साल से लूंड्रा में पदस्थ RES SDO — ट्रांसफर नीति पर उठ रहे बड़े सवाल
सरगुजा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति और प्रशासनिक पारदर्शिता की बात करती है। वर्तमान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी गृह मंत्री Vijay Sharma के पास है जो अपने साफ-सुथरे प्रशासनिक अंदाज़ और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन सरगुजा जिले के लूंड्रा जनपद में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग का एक मामला इन दावों पर सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है।
लगभग दस साल से एक ही जगह पर पदस्थ है RES SDO लुंड्रा
जानकारी के अनुसार RES विभाग के एक SDO 1 अगस्त 2016 से लगातार लूंड्रा में ही पदस्थ हैं। यानी करीब 9 साल से अधिक समय से एक ही जगह उनकी पोस्टिंग बनी हुई है। सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था के तहत शासन समय-समय पर अधिकारियों का ट्रांसफर और फेरबदल करता है, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे और कार्य प्रणाली प्रभावी ढंग से चल सके।
आमतौर पर यह माना जाता है कि एक ही स्थान पर अधिकतम लगभग 3 साल से ज्यादा पदस्थापना नहीं होनी चाहिए।
फिर क्यों नहीं हुआ ट्रांसफर ?
ऐसे में अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं —
क्या RES विभाग में ट्रांसफर नीति लागू नहीं होती ?
क्या किसी विशेष आदेश (Special Exemption) के तहत उन्हें यहीं पदस्थ रखा गया है ?
या फिर उन्हें किसी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है ?
EE सरगुजा ने क्या कहा–
जब इस मामले में RES विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) सरगुजा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले में ज्यादा कुछ करना उनके स्तर पर संभव नहीं है, क्योंकि यह शासन स्तर का मामला है।
उनका कहना था कि समय-समय पर शासन से यह जानकारी मांगी जाती है कि कौन-कौन अधिकारी एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ हैं ! फिर क्यों नहीं होता transfer ❓️
क्या एक SDO पूरे प्रशासन पर भारी ❓️
यदि समय-समय पर शासन को जानकारी भेजी जाती है कि कौन अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, तो फिर लूंड्रा के इस RES SDO का आज तक फेरबदल क्यों नहीं हो सका?
ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि —
क्या एक RES SDO पूरे प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं ?
क्या लूंड्रा से ही होगी रिटायरमेंट ?
स्थानीय स्तर पर अब यह चर्चा भी होने लगी है कि लूंड्रा में ज्वाइन करने वाले इस RES SDO की शायद यहीं से रिटायरमेंट हो जाए।
आम तौर पर प्रशासन हर 2–3 साल में अधिकारियों का फेरबदल करता है ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन RES विभाग में और खासकर लूंड्रा जैसे जनपद में यह संभव होता नजर नहीं आया।
बताया जाता है कि संबंधित अधिकारी की ज्वाइनिंग को करीब एक दशक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो बड़ा फेरबदल हुआ और न ही प्रभावी ट्रांसफर।
सबसे बड़ा सवाल–
अब बड़ा सवाल यही है —
क्या इनके लिए नियम अलग हैं ?
या फिर प्रशासन की इनके सामने चलती ही नहीं ?
लूंड्रा में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ RES SDO का मामला अब प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ में जीरो टॉरलेंस की सरकार इस मामले पर किस तरह की प्रतिक्रिया अपनाती है।
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