छत्तीसगढ़
रायपुर/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 संशोधित 1998 के तहत पंजीकृत संस्था रायपुर प्रेस क्लब के कार्यकारिणी चुनाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रजिस्ट्रार ने एक आदेश जारी कर वर्तमान कार्यवाहक कार्यकारिणी को चुनाव कराने के निर्देश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। कृषि उत्पाद
अनियमितताओं और वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद रजिस्ट्रार ने कलेक्टर रायपुर को एक प्रशासनिक अधिकारी/राजस्व अधिकारी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
रजिस्ट्रार कार्यालय ने 16 सितम्बर 2025 को आदेश (क्रमांक 1269/25) जारी कर कार्यवाहक कार्यकारिणी को साठ दिनों के भीतर पंजीकृत नियमावली और वैधानिक सदस्यों के मध्य निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया था। हालांकि कार्यवाहक कार्यकारिणी इस नियत समय-सीमा में निर्वाचन संपन्न कराने में असफल रही। इसके बाद कई सदस्यों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं।
शिकायतकर्ता श्री मोहन तिवारी एवं अन्य ने 07 नवंबर 2025 और 10 नवंबर 2025 को शिकायतें प्रस्तुत कीं जिसमें निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति और मतदाता सूची में नए सदस्यों को जोड़कर सूची प्रकाशित करने पर आपत्ति जताई गई। तेरह नवंबर दो हज़ार पच्चीस को शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनकी आपत्तियों का निराकरण किए बिना ही निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव की तारीख 23 नवंबर 2025 घोषित कर दी गई है और यह चुनाव अवैध मतदाता सूची के आधार पर कराया जा रहा है। श्री दामू आम्बेडारे ने 13 नवंबर 2025 को दो आवेदन प्रस्तुत किए जिसमें उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में दर्ज नहीं होने की शिकायत की गई। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी मतदाता सूची को निरस्त कर पंजीकृत नियमावली के अनुसार बनी पूर्व मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने का निवेदन किया।
श्री संदीप पुराणिक एवं अन्य आठ सदस्यों ने 13 नवंबर 2025 को आवेदन देते हुए 16 सितंबर 2025 दो हज़ार पच्चीस के कार्यालयीन आदेश के उल्लंघन का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि साठ दिन की समय-सीमा के बाद भी नए सदस्य जोड़े गए वैद्य सदस्यों के नाम काटे गए सदस्यता शुल्क निर्धारित सीमा से अधिक लिया गया और चुनाव अधिकारी (श्री आसिफ इकबाल) द्वारा नाम जोड़ने-काटने का विवादास्पद कार्य किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सहायक पंजीयक के निर्देशों को लेने से इनकार किया गया और साठ दिन की समय-सीमा का जानबूझकर उल्लंघन किया गया।
रजिस्ट्रार का अंतिम फैसला
इन सभी शिकायतों और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए रजिस्ट्रार ने यह निष्कर्ष निकाला कि कार्यवाहक कार्यकारिणी निर्वाचन कार्यवाही पूर्ण करने में असफल रही है और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता व निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई है।
आदेश के मुख्य बिंदु ….
जारी आदेश में कार्यवाहक कार्यकारिणी द्वारा साठ दिवस के भीतर निर्वाचन कराये जाने के निर्देश निरस्त किए जाते हैं। छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 की धारा तैंतीस (ग )का प्रयोग करते हुए संस्था की कार्यकारिणी का विधिवत् और पारदर्शी निर्वाचन कराने के लिए कलेक्टर जिला रायपुर द्वारा नामित प्रशासनिक अधिकारी/राजस्व अधिकारी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया जाता है। नियुक्त अधिकारी को निर्वाचन कार्य संपादित कराने संबंधी समस्त आवश्यक शक्तियाँ प्राप्त होंगी। अध्यक्ष/सचिव रायपुर प्रेस क्लब को निर्देशित किया गया है कि वे नामित प्रशासनिक अधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्यकारिणी का पारदर्शी निर्वाचन करवाना सुनिश्चित करें।कृषि उत्पाद
इस आदेश की प्रति कलेक्टर रायपुर सहायक रजिस्ट्रार रायपुर संभाग रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष/सचिव पूर्व निर्वाचन अधिकारी श्री आसिफ इकबाल और शिकायतकर्ताओं को सूचनार्थ प्रेषित की गई है।

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