छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कोरबा द्वारा विश्व सद्भावना भवन, टी.पी. नगर, कोरबा में अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं, गृहिणियों, समाजसेविकाओं तथा ब्रह्माकुमारी बहनों सहित अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजू देवी राजपूत, महापौर नगर निगम कोरबा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रजनी पांडे उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि नारी केवल परिवार की धुरी ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी आधारशिला है। जब नारी अपने अंदर की आध्यात्मिक शक्ति को पहचानती है तो वह अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। मुख्य अतिथि संजू देवी राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. रजनी पांडे ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि नारी में अपार शक्ति और सहनशीलता होती है। यदि महिलाएँ आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर बी. के. बिंदु दीदी जी ने महिला की आध्यात्मिक शक्ति और संस्कारों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से महिलाएँ अपने जीवन में शांति, शक्ति और संतुलन ला सकती हैं, जिससे परिवार और समाज में भी सकारात्मक वातावरण बनता है। इस अवसर पर बी. के. रुक्मणी दीदी जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि नारी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि शक्ति, करुणा और संस्कारों का स्वरूप है। जब नारी अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानती है और आत्मिक शक्तियों को जागृत करती है, तब वह परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाती है।

दीदी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में महिलाओं के सामने अनेक जिम्मेदारियाँ होती हैं, फिर भी नारी अपनी सहनशीलता, धैर्य और प्रेम के बल पर हर परिस्थिति का सामना करती है। यदि नारी अपने जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाए और प्रतिदिन कुछ समय राजयोग ध्यान के लिए निकाले, तो उसे अंदर से शांति, शक्ति और आत्मविश्वास प्रास होता है। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव साझा करते हुए महिला दिवस के महत्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान बी.के. विरेश भाई द्वारा स्वागत गीत एवं “नारी शक्ति” विषय पर एक सुंदर गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को प्रेरित किया। साथ ही नूतन विश्वकर्मा द्वारा भी माता का भजन प्रस्तुत किया गया जिसने सबको भाव विभोर कर दिया
अंत में बी. के. रश्मी शर्मा द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यबाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
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