नई दिल्ली/स्वराज टुडे: भारत की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज, 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में बजट 2026 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है और मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट है। बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:
● आयकर : आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया गया है, यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकता है।
● रक्षा बजट : रक्षा बजट में 15% की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़कर ₹7.85 लाख करोड़ हो गया है।
● इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण : इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
● आत्मनिर्भर भारत कोष : आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।
● कृषि : कृषि उत्पादन में सहायता के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन करने का प्रस्ताव रखा गया है।
● स्वास्थ्य : पांच क्षेत्रीय चिकित्सकीय केंद्र स्थापित करने के लिए आवंटन किया गया है।
यह बजट देश के आर्थिक विकास को गति देने और विभिन्न क्षेत्रों में सुधार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
बजट 2026 में कई चीजें सस्ती और महंगी हुई हैं। यहाँ कुछ प्रमुख बदलावों की सूची दी गई है:
सस्ती हुई चीजें:
● स्वास्थ्य और दवाइयां
– कैंसर की 17 दवाएं सस्ती
– शुगर की दवाएं सस्ती
– जीवन रक्षक दवाएं सस्ती
● इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन
– मोबाइल फोन सस्ते
– इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते
– माइक्रोवेव ओवन सस्ता
● फैशन और जूते
– चमड़े के जूते सस्ते
– लेदर उत्पाद सस्ते
● ऊर्जा और ईंधन
– सीएनजी और बायोगैस सस्ती
– सोलर एनर्जी से जुड़े उत्पाद सस्ते
● अन्य
– खेल-कूद के सामान सस्ते
– विदेश यात्रा सस्ती
महंगी हुई चीजें:
– शराब : शराब महंगी
– खनिज : कुछ खनिज महंगे
– स्क्रैप: स्क्रैप महंगा
– वायदा कारोबार : फ्यूचर ऑप्शन ट्रेडिंग महंगी
इन बदलावों से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर स्वास्थ्य और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में। हालांकि, शराब और कुछ खनिजों की कीमतें बढ़ने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.
बजट 2026 में कई नए प्रस्तावों की घोषणा की गई है, जिनमें से कुछ प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं:
● नए कर प्रस्ताव
– रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है, जिसके लिए 1000 रुपये से 5000 रुपये की मामूली फीस लगेगी।
– TCS दर को 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव किया गया है, जो विदेश यात्रा और शिक्षा पर लागू होगा।
● आवास और बुनियादी ढांचा
– सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव किया गया है, जो बड़ी शहरों को जोड़ेंगे और यात्रा को तेज और आरामदायक बनाएंगे।
– 4000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव किया गया है, जो सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाएंगी।
● स्वास्थ्य और शिक्षा
– तीन नए AIIMS और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव किए गए हैं।
– शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए TCS दर को 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव किया गया है।
● वित्तीय और कर सुधार
– एक नया आयकर विधेयक प्रस्तावित किया गया है, जो मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 को प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से है।
– छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस का प्रस्ताव किया गया है।
● उद्योग और विकास
– एमएसएमई विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एक समर्पित कोष की शुरुआत का प्रस्ताव किया गया है।
– सेमीकंडक्टर विकास के लिए कई प्रस्ताव किए गए हैं, जिनमें उपकरण और सामग्री के लिए 5 साल में निवेश किया जाएगा।
● कृषि और पशुपालन
– जलवायु-अनुकूल और कीट-प्रतिरोधी बीज किस्मों को बढ़ावा देने के लिए उच्च उपज वाले बीजों का राष्ट्रीय मिशन शुरू किया गया है।
– पशु-चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता प्रदान की जाएगी।
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