नई दिल्ली/स्वराज टुडे: पश्चिम एशिया में जंग की तबाही के बीच इंडोनेशिया में धरती कांपी है. इंडोनेशिया के पास मोलुक्का सागर में भयंकर भूकंप आया है. इतना ही नहीं, जोरदार भूकंप बाद सुनामी की चेतावनी से हड़कंप मच गया है.
इससे पड़ोसी देशों के लोगों में खलबली मची है. तीन देशों के लोग डर के साए में जी रहे हैं. दरअसल, यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बताया कि आज यानी गुरुवार की सुबह इंडोनेशिया के टर्नेट तट से दूर उत्तरी मोलुका सागर में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद पड़ोसी देशों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई.
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने आगे बताया कि भूकंप 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर आया था. अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने कहा कि भूकंप के केंद्र से 1000 किलोमीटर के दायरे में इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटों पर खतरनाक सुनामी लहरें उठने की आशंका है. USGS के अनुसार, भूकंप का केंद्र इंडोनेशिया के उत्तरी मालुकु प्रांत में स्थित टर्नेट शहर से लगभग 120 किलोमीटर दूर था. इस शहर की आबादी 205,000 से अधिक है. यानी इतने लोगों पर अभी खतरा मंडरा रहा है.
सुनामी मचा सकती है भीषण तबाही
सुनामी का मतलब है समुद्र में अचानक ऊंची लहरें उठना. ये लहरें किनारे पर आकर तबाही मचा सकती हैं. इसलिए तीनों देशों को सतर्क रहने को कहा गया है. अभी तक किसी बड़े नुकसान या मौत की खबर नहीं आई है. लेकिन अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वे समुद्र तट से दूर रहें. अगर पानी अचानक पीछे हटता दिखे तो तुरंत ऊंची जगह पर चले जाएं. स्कूलों और दफ्तरों में भी सावधानी बरती जा रही है.
इंडोनेशिया भूकंप और सुनामी का इलाका माना जाता है. यहां कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं. 2004 में आए भयंकर सुनामी में हजारों लोग मारे गए थे. इसलिए इस बार भी सरकार ने तुरंत अलर्ट जारी किया. नौसेना और आपदा प्रबंधन टीम तैयार है. स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि चूंकि भूकंप समुद्र में था और गहराई कम थी, इसलिए सुनामी का खतरा ज्यादा है. अभी तक लहरें आई हैं या नहीं, इसकी पुष्टि हो रही है.
इंडोनेशिया सरकार ने की लोगों से ये अपील
इंडोनेशिया सरकार ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं लेकिन सतर्क रहें. अगर कोई नई जानकारी आएगी तो तुरंत बताई जाएगी. फिलहाल तीनों देशों में आपातकाल जैसी स्थिति है. अब देखने वाली बात होगी कि भूकंप के बाद सुनामी का खतरा कितना बड़ा है.
4 साल पहले भूकंप से 250 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
नवम्बर 2022 में इंडोनेशिया के पश्चिमी जावा प्रांत में 5.6 तीव्रता से आए भूकंप में 250 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। वहीं 370 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस जलजले के कारण 7060 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। उस वक़्त भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंडोनेशिया में भूकंप से हुई तबाही को लेकर दुख जताया था और हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया था ।
यह भी पढ़ें: IGM भर्ती 2026: विभिन्न पदों के लिए आवेदन करें, अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026

Editor in Chief





