बाल्को ने रायगढ़ जिले के बर्रा कोल ब्लाक के लिए बोली में लिया हिस्सा

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छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: कोयला मंत्रालय द्वारा 124 कोल ब्लाक की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें 24 कोल ब्लाक के लिए 31 कंपनियों ने रूचि दिखाई है। इस दौड़ में वेदांता, बाल्को व जिंदल जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। बाल्को ने रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील में स्थित बर्रा कोल ब्लाक के लिए बोली जमा की है। उधर जिंदल ने ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के भोगरापाल एलटीए द्वीप विस्तार ज्वाइंट कोल ब्लाक में रूचि दिखाई है।

देश में कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए कोयला मंत्रालय ने कमर्शियल माइनिंग के तीसरे चरण में कोयला ब्लाकों की नीलामी की प्रक्रिया 20 जून से शुरू की है। 22 जून को दस्तावेजों की बिक्री की गई और 27 जून को निविदा जमा करने की अंतिम तिथि तय थी। 28 जून को तकनीकी बोली लगाने वाली कंपनियों की उपस्थिति में बोलियां खोली गई। 24 कोल ब्लाक के लिए 31 कंपनियों से 38 बोलियां मिली हैं। बाल्को प्रबंधन की रूचि फिर से कोल ब्लाक की ओर नजर आ रही। 5.75 लाख टन क्षमता वाली स्मेल्टर के संचालन के लिए कंपनी को विद्युतकी आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए 540 व 1200 मेगावाट की दो संयंत्र बाल्को परिसर में ही संचालित किया जा रहा। 1740 मेगावाट विद्युत संयंत्र के लिए साउथ इस्टर्न कोलफिल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) से कोयला आपूर्ति का अनुबंध है, पर पर्याप्त कोयला नहीं मिलने से प्रबंधन लंबे समय से कोयले की समस्या से जूझ रही। इसे दूर करने बर्रा कोल ब्लाक के लिए प्रबंधन ने बोली जमा की है। 124 कोल ब्लाकों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की है, पर केवल 24 ब्लाक में ही कंपनियों ने रूचि दिखाई। यहां बताना होगा कि देश में अचानक 20 फीसद बिजली की मांग बढ़ने से कोल इंडिया पर कोयला आपूर्ति का दबाव है। नौबत यह आ गई है कि देश की बड़ी बिजली कंपनियों को 10 फीसद कोयला आयात करने कहा गया है। कोयला की आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने कमर्शियल माइनिंग योजना कारगर साबित होगी।

9000 लाख टन कोयले का भंडारण

रायगढ़ जिले के अंतर्गत बर्रा कोल ब्लाक खरसिया तहसील में आता है। यह 31.50 वर्ग किलोमीटर में फैला है। करीब 9000 लाख टन कोयला भंडारण का अनुमान है। इसके लिए केवल बाल्को ने ही बोली प्रस्तुत की है। इसलिए प्रतिस्पर्धा की स्थिति नहीं रहेगी। यहां बता दें कि पहले से बाल्को संयंत्र में कोयला आपूर्ति के लिए कोरबी- चोटिया कोल ब्लाक प्रबंधन के पास है। खदान में कोयले का भंडारण कम होने की वजह से उत्पादन वर्तमान में नहीं हो रहा।

21 को होगी ई-नीलामी

रायगढ़ की जिंदल कंपनी ने ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में स्थित घोघरापाल एलटीए डिप एक्सटेंशन ज्वाइंट कोल ब्लाक के लिए बोली प्रस्तुत की है। दो ब्लाक एक साथ होने की वजह से इसकी मांग अधिक है। जिंदल के अलावा वेदांता ग्रुप व एएमएलसी भी इस ब्लाक को हासिल करने की दौड़ में शामिल है। कमर्शियल माइनिंग के तीसरे चरण के लिए 20 जुलाई तक बोलियों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई को ई-नीलामी की जाएगी।

बिजली की मांग बढ़ने से संकट की स्थिति

वर्ष 2019-20 में कोयला आयात 24.80 करोड़ मिट्रिक टन के शिखर पर पहुंच गया था। कोयला मंत्रालय के प्रयास से वर्ष 2020-21 के दौरान यह घट कर 21.50 करोड़ मिट्रिक टन और 2021-22 में 20.90 करोड़ मिट्रिक टन हुआ। इस बीच 2022-23 में कोरोना का असर कम होते ही उद्योगों में कामकाज पूरी क्षमता से होने लगी। साथ ही कुछ नए उद्योग भी शुरू हुए। इसका असर यह रहा कि इस साल देश में अचानक बिजली की मांग बढ़ गई। इसके साथ ही कोल इंडिया को बिजली संयंत्रों में कोयला आपूर्ति की चुनौती का सामना करना पड़ रहा।

दीपक साहू

संपादक

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