छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा डायमंड जुबली भवन, साडा कॉलोनी, जामनीपाली (एनटीपीसी) में “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” के उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाकर स्वस्थ, जागरूक एवं संस्कारवान भारत के निर्माण हेतु जन-जन को प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एनटीपीसी प्रशिक्षण केंद्र के डीजीएम एवं प्रभारी भ्राता उमेश गोंड जी. डीपीएस एनटीपीसी विद्यालय के प्राचार्य श्री सतीश शर्मा जी, सिपेट कोरबा के प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. दिवेश मेश्राम जी तथा सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य भ्राता लक्ष्मी नारायण जायसवाल जी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के पारंपरिक स्वागत से हुआ। सभी अतिथियों का तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं बैज पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात बी. के. सूरज भाई द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। तत्पक्षात सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
स्वागत भाषण में बी. के. बिंदु दीदी ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। राजयोग के अभ्यास द्वारा आत्मबल बढ़ाकर हर प्रकार के नशे पर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी से नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि भ्राता उमेश गोंड जी ने कहा कि नशामुक्त युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने इस जन-जागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि स्वयं संकल्प लेकर दूसरों को भी प्रेरित करे, तो समाज से नशे जैसी बुराई को समाप्त किया जा सकता है।
श्री सतीश शर्मा जी ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों के विकास पर बल दिया तथा कहा कि विद्यालय और परिवार मिलकर बच्चों को नशे जैसी बुराइयों से बचा सकते हैं।
डॉ. दिवेश मेश्राम जी ने युवाओं से लक्ष्यपरक जीवन, सकारात्मक सोत और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
भाता लक्ष्मी नारायण जायसवाल जी ने कहा कि चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण का आधार है तथा सभी को स्वयं नशामुक्त रहकर समाज को भी जागरूक करना चाहिए।
समापन अवसर पर बी. के. वीरेश भाई ने नशा मुक्ति पर आधारित प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने अपने जीवन से जुड़ा नशा मुक्ति का अनुभव साझा किया, जिसने उपस्थित सभी को गहराई से प्रेरित किया।
इसके पधात सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने की सामूहिक शपथ ली।
अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कर आत्मिक शांति एवं आंतरिक शक्ति का अनुभव किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों को ईश्वरीय भेंट एवं सौगात प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन बी. के. रश्मि शर्मा बहन द्वारा किया गया। नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारवान एवं आध्यात्मिक भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
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