उत्तरप्रदेश
अयोध्या/स्वराज टुडे: उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, यहां के चर्चित कथावाचक पवन देव महाराज पर जिस महिला ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और जेवर हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे, अब उस मामले की पूरी कहानी पलटती नजर आ रही है.
इस हाईप्रोफाइल मामले में नया मोड़ तब आया, जब पीड़िता का सगा भाई खुद अपनी बहन के खिलाफ पुलिस के पास पहुंच गया और उसे एक पेशेवर ब्लैकमेलर करार दिया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला के भाई विकास राज श्रीवास्तव ने अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात की. विकास ने एसएसपी को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपते हुए अपनी ही सगी बहन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. भाई का आरोप है कि उसकी बहन बेहद शातिर है. उसका असल उद्देश्य कोई न्याय पाना नहीं, बल्कि कथावाचक पवन देव महाराज की साख को नुकसान पहुंचाकर उनसे मोटी रकम वसूलना है.
भाई ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इस मौके पर कथित पीड़ित महिला के भाई विकास राज श्रीवास्तव ने मीडिया से कहा कि मेरी बहन बेहद शातिर है और वह कथावाचक पवन देव महाराज को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करना चाहती है. वह पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं. इसलिए शादी का झांसा देने का आरोप पूरी तरह से गलत है. मैंने एसएसपी साहब से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
बहन को बताया शादीशुदा
शिकायती पत्र में विकास ने अपनी बहन के दावों की हवा निकालते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं. भाई का दावा है कि उसकी बहन पहले से ही विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं. विकास ने बताया कि जब उसकी बहन पहले से शादीशुदा है, इसके बाद भी कथावाचक पर ‘शादी का झांसा’ देने का जो आरोप लगाया जा रहा है, वह पहली नजर में ही पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार साबित हो जाता है.
बहन पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
कथावाचक पवन देव महाराज पर लगे आरोपों के बीच उनके पक्ष में खड़े हुए महिला के भाई ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और बारीकी से जांच कराने की मांग की है. विकास का कहना है कि पुलिस को दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए. साथ ही उसने मांग की है कि जांच में अगर उसकी बहन के आरोप झूठे पाए जाते हैं, तो ब्लैकमेलिंग और साजिश रचने के आरोप में उसकी बहन के खिलाफ ही सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए.
इस नए और अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद अयोध्या पुलिस की चुनौतियां बढ़ गई है. जहां एक तरफ महिला अपने आरोपों पर अडिग है. वहीं, दूसरी तरफ उसके सगे भाई के बयानों ने मामले को पूरी तरह संदिग्ध बना दिया है. फिलहाल, पुलिस प्रशासन दोनों पक्षों के दावों, सबूतों और आरोपों की बारीकी से जांच कर रहा है, ताकि इस पूरे विवाद के पीछे छिपी असली सच्चाई को सामने लाया जा सके.
यह भी पढ़ें: DU प्रोफेसर हत्याकांड: ‘पूरी प्लानिंग’ के तहत हुआ कत्ल! आरोपियों के घर मिला चौंकाने वाला सामान
यह भी पढ़ें: उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित स्पेशल लोक अदालत में आवेदन जमा करने की तिथि 31 मई से बढ़ाकर 31 जुलाई की गई

Editor in Chief





