छत्तीसगढ़
बिलासपुर/स्वराज टुडे: ज्ञात हो कि उच्च न्यायालय बिलासपुर (छग) के द्वारा नगरसेना (होमगार्ड) जवानों के हित में वर्ष 2022 में “समान काम समान वेतन” देने हेतु होमगार्ड जवानों के पक्ष में फैसला सुनाया गया था। जिसका पालन विभागीय अधिकारियों एवं सरकार के द्वारा नहीं किया गया । जिससे व्यथित होकर याचिकाकर्ता सैनिक डोमनलाल चंद्राकर व सुरेन्द्र कुमार देशमुख के द्वारा न्यायालय के समक्ष अवमानना याचिका क्र.1036/2022 में छ.ग. शासन व महानिदेशक नगर सेना नागरिक सुरक्षा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं रायपुर (छ.ग.) के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। मान. न्यायालय द्वारा लगभग 4 वर्षों तक सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान कर्मचारी विरोधी विभागीय अधिकारियों एवं सरकार के द्वारा माननीय न्यायालय के खंडपीठ के समक्ष रिट अपील क्र. 320/2025 दायर किया गया लेकिन दिनांक 10.06.2025 को मा. न्यायालय के द्वारा इसे खारिज कर दिया गया, जिसके विरुद्ध प्रतिवादियों द्वारा मान. सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष SLP (सिविल) डायरी संख्या 51093/2025 दायर की गई थी। जिसे दिनांक 13.02.2026 के आदेश के द्वारा इसे भी खारिज कर आदेश दिया गया कि आदेश दिनांक से तीन माह के भीतर होमगार्ड जवानों को समान काम समान वेतन (पुलिसकर्मीयों के समान ) एवं भत्ते प्रदान करने का आदेश दिया गया है।
नगरसेना (होमगार्ड) के जवानों द्वारा कई वर्षों तक अपने अधिकार के लिये लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी । अंततः जवानों की जीत हुई। इस जीत ने होमगार्ड जवानों का वर्षों से शोषण कर रहे विभागीय अधिकारियों के मुंह पर करारा तमाचा जैसा है। इसके विपरीत, होमगार्ड जवानों में न्यायालय के इस निर्णय से काफी हर्षित एवं उत्साहित है। जवानों ने मान. न्यायालय का विशेष आभार जताया है।
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