राजस्थान
अजमेर/स्वराज टुडे: अजमेर में गुरुवार को कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. हाथों में डंडे और लाठी लिए कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम कर दिया और गुजर रही गाड़ियों को रुकवा दिया. अचानक हुए इस जाम से लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी.
प्रदर्शन की वजह बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के अजमेर में होने वाले आयोजन से जुड़े पोस्टर बताए जा रहे हैं. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि आयोजन के पोस्टर फाड़ दिए गए. उनका कहना था कि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, इसलिए उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा.
कार्यकर्ताओं ने कुछ देर तक रास्ता जाम कर अपना विरोध जताया. नारेबाजी भी की गई. सड़क पर खड़ी गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई. आम लोग भी समझ नहीं पा रहे थे कि अचानक क्या हो गया.
नेता और थाना प्रभारी के बीच बहस
मौके पर पुलिस पहुंची तो स्थिति संभालने की कोशिश शुरू हुई. विश्व हिंदू परिषद के नेता चेतन सैनी और थाना प्रभारी महावीर सिंह के बीच इस दौरान बहस भी हुई. कार्यकर्ता कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जबकि पुलिस की तरफ से कहा गया कि पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की गई है और इस बार भी की जाएगी.
थाना प्रभारी ने समझाइश दी कि बेवजह जनता को परेशान न किया जाए. सड़क जाम करने से आम लोगों को दिक्कत होती है. काफी बातचीत के बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ.
कुछ देर बाद खुला रास्ता
करीब कुछ समय तक विरोध जताने के बाद कार्यकर्ताओं ने रास्ता खोल दिया. पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि पोस्टर फाड़ने के मामले में जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद धीरे-धीरे ट्रैफिक सामान्य हुआ.
पुलिस का आश्वासन
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है. अगर पोस्टर फाड़े गए हैं तो शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. पहले भी कार्रवाई हुई है और आगे भी होगी.
अजमेर में हुआ यह विरोध प्रदर्शन कुछ देर के लिए चर्चा का विषय बन गया. पोस्टर फाड़ने के आरोप से शुरू हुआ मामला सड़क जाम तक पहुंच गया. फिलहाल पुलिस जांच की बात कह रही है और संगठन कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं.
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