छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में जिले के थाना/चौकी एवं साइबर पुलिस थाना द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में थाना उरगा पुलिस द्वारा भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय (Coordination) पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल खातों (Mule Accounts) के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
जानिए क्या है म्यूल अकाउंट ?
म्यूल अकाउंट से तात्पर्य ऐसे बैंक खाते से है, जिसे खाता धारक द्वारा पैसों के लालच में किराए पर देकर साइबर ठगों को उपयोग करने दिया जाता है, ताकि ठगी की राशि उस खाते में प्राप्त की जा सके और वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाई जा सके। ऐसा कृत्य कानूनन अपराध है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त मूल खाता धारकों की जानकारी के तकनीकी विश्लेषण के दौरान यह पाया गया कि थाना उरगा क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा अपने नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसे म्यूल अकाउंट के रूप में साइबर ठगों को उपलब्ध कराया गया। उक्त खाते का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने हेतु किया गया।
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर थाना उरगा पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
01. संजय मिरी पिता– शिवकुमार मिरी उम्र– 36 वर्ष निवासी– बरपाली सतनामीपारा थाना– उरगा जिला– कोरबा (छत्तीसगढ़)
कानूनी कार्यवाही
उक्त आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 90/2026 अंतर्गत
धारा 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर
आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
आमजनों से पुलिस की अपील
👉🏻 कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी या बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें।
👉🏻 अपने बैंक खाते को किराए पर देना या किसी अन्य को उपयोग हेतु देना दंडनीय अपराध है।
👉🏻 साइबर अपराध से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल जानकारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाना / साइबर पुलिस थाना को दें।
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