बिहार
अररिया/स्वराज टुडे: जिले के नरपतगंज प्रखंड के मवि कन्हैली की शिक्षिका शिवानी वर्मा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने तीसरे दिन सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में एसपी अंजनी कुमार ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी।
गलतफहमी में हो गई शिक्षिका शिवानी की हत्या
उन्होंने बताया कि यूपी निवासी शिक्षिका शिवानी की हत्या गलतफहमी में हुई थी। उसी के विद्यालय के समीप स्थित एक विद्यालय की शिक्षिका की हत्या की सुपारी दी गई थी। दोनों शिक्षिका उसी मार्ग से विद्यालय आती-जाती थी।
उस दिन गलतफहमी में शूटरों ने वही शिक्षिका समझकर शिवानी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शिवानी की हत्या मामले में नामजद अभियुक्त शिक्षक रंजीत कुमार वर्मा के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है, इसलिए उसको रिलीज कर दिया जाएगा। विदित हो कि शिवानी की हत्या तीन दिसंबर की सुबह स्कूल जाने के दौरान रास्ते में कर दी गई थी।
शिक्षिका शिवानी वर्मा की मौत पर शोक सभा कर दी गई श्रद्धांजलि
नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत कन्हैली मध्य विद्यालय में पदस्थापित शिक्षिका शिवानी वर्मा की अपराधियों द्वारा निर्मम हत्या को लेकर सिकटी के प्लस टू राजकीयकृत उच्च विद्यालय बरदाहा परिसर में शोकसभा का आयोजन किया गया।
प्रभारी प्रधानाध्यापक इशार अहमद के नेतृत्व में आयोजित शोक सभा के माध्यम से पूरा विद्यालय परिवार शिक्षिका के प्रति शोक प्रकट किया। इस दौरान सभी शिक्षक तथा स्कूली बच्चों ने दो मिनट का मौन रखकर सच्ची श्रद्धांजलि दी।
मौके पर विद्यालय प्रधान इशार अहमद ने कहा कि इस तरह के हृदय विदारक घटना महिलाओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। जो शिक्षक समाज को सही दिशा प्रदान करता है, उसके साथ इस तरह की बर्बरता पूर्ण कृत्य किसी भी सभ्य समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है।
शिवानी वर्मा के रूप में आज समाज ने ऐसे प्रकाश पुंज को खो दिया जो कई पीढ़ियां को शिक्षित और जागरूक करने का काम करती। सरकार और समाज दोनों को शिक्षकों कें प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना होगा। इस मौके पर शिक्षक रामनारायण प्रसाद, मुकेश कुमार पंडित, आशीष मधुकर, शबाब अनवर, वसीम अहमद सहित अन्य मौजूद थे।
यह भी पढ़ें: इंस्टाग्राम का प्यार, स्टेशन पर इंतज़ार और बैरंग लौटी बारात: सहारनपुर के दूल्हे के साथ हो गया बड़ा ‘खेल’
यह भी पढ़ें: मुरैना के सरकारी स्कूल में शिक्षक का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, रंगरलियां करते पकड़े गए टीचर और रसोइया

Editor in Chief






