संगीत जीवन में लय और ताल के संयोजन से भाव अभिव्यक्ति करने का श्रेष्ठ विकल्प है – डॉ. भरत शर्मा

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इंदौर/स्वतज टुडे: भारतीय चित्रपट के सफ़र से चुनिंदा और श्रेष्ठ गीतों की शृंखला का सफल मंचन इंदौर शहर के प्रतिष्ठित रवीन्द्र नाट्य गृह सभागार में आयोजित इस बेहतरीन कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ गायिका सरला मेंघानी द्वारा सरस्वती वंदना कर और मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्रालय सदस्य – डॉ भरत शर्मा ने कहा की संगीत अपनी लयबद्धतता से जीवन की खुशियों और दुखों के पल को अभिव्यक्त करते हैं। श्रृंगार रस की यह विधा भाव, लय, सुर और ताल का संयोजन कर हमें मुग्ध कर देती है।

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एकल और युगल गीतों का बेहतरीन प्रदर्शन कर मधु मुकेश, सरला मेंघानी, संजय छत्रकार, डॉ अल्पना आर्या, अश्मित सागर, रचना वैध, राकेश नागर, रिया श्रीवास्तव ने श्रीताओ को आल्हादित कर कार्यक्रम को सफल बना दिया। सभी सिंगर्स के रोमांटिक और रिदमिक सांग्स बहुत कठिन हाई पिच और लम्बी तान वाले संगीतबद्ध गानों पर सफल प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया। सिंफनी बैंड के पिंटू कसेरा और उनकी टीम द्वारा संगीत संयोजन बहुत ही कुशल और शानदार रहा।

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मुख्य अतिथि डॉ भरत शर्मा का स्वागत आयोजक श्री राम मेंघानी ने शाल व माला पहनाकर किया। विशेष अतिथियों श्री नामदेव कुकरेजा, श्री हरीश भाटिया, श्रीचंद शादीजा जी, श्री हरिओम कसेरा, श्री चंदू शिंदे जी और श्री सुदर्शन गुप्ता जी की उपस्थिति रही।

संजय शर्मा ने कुशल मंच संचालन किया और लख्मीचंद वर्मा, कमल वीरवानी और जितेन्द्र गुप्ता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम् भूमिका निभायी।

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दीपक साहू

संपादक

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