नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री लखन देवांगन से की मुलाकात, उनके समक्ष रखी ये मांगें

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भाजपा के जनघोषणा पत्र में वादानुसार सरकार बनते ही 100 दिनों के भीतर कर्मचारियों के मांगों की समीक्षात्मक प्रक्रिया आरम्भ करने हेतु गठित समिति में नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों को शामिल करने की मांग

कोरबा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ के अंतर्गत कुल 172 नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत) में विगत कई वर्षों से कार्यरत 25,000 प्लेसमेंट कर्मचारियों का एक मात्र संगठन है।

ज्ञात हो कि भाजपा के जनघोषणा पत्र छ.ग. के लिए “मोदी की गारंटी” के हमारा वादा में “सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों की समीक्षात्मक प्रक्रिया आरम्भ करने एवं मार्ग प्रशास्त करने हेतु एक कमिटी का गठन करेंगे जिसमें अनियमित कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी सदस्य होंगे” यह वादा किया हुआ है।

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छ.ग. नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ द्वारा विगत कई वर्षों से नगरीय निकायों से प्लेसमेंट / ठेका प्रथा बंद करते हुए निकायों में समायोजन कर एक निश्चित अवधि में नियमित करने की दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना/प्रदर्शन कर अपनी मांगों हेतु लड़ते आ रहे है।

अवगत हो कि निकाय के प्लेसमेंट कर्मचारी शासन के भी योजनाओं का क्रियान्वयन एवं सभी प्रकार के शासन के नियमित कार्यों को एक नियमित कर्मचारी की तरह निष्ठा के साथ करते आ रहे है। किन्तु निकाय में मनमाने ढंग से कभी भी प्लेसमेंट कर्मचारी को बिना किसी कारण के कार्य से हटा दिया जाता है। आज एक प्लेसमेंट कर्मकारी की जो दशा है वह बहुत ही दयनीय है, वेतन विसंगति के कारण बच्चों के शिक्षा, परिवार के पालन-पोषण के कष्टों का सामना करना पड़ रहा है। संघ का प्रस्ताव पत्र संलग्न है।

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लिहाजा शासन से मांग है कि उक्त कमेटी में  महासंघ से प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय एड़े एवं संभाग अध्यक्ष श्री कौशलेद्र सिंह राणा एवं जिलाध्यक्ष के पदाधिकारियों को शामिल करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करने की कृपा करें।

 

दीपक साहू

संपादक

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