सात दिवसीय योग ध्यान शिविर का समापन समारोह, एडिशनल कलेक्टर सुनील नायक बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल

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छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: आज दिनांक 29.05. 2022, रविवार को सुबह 7:30 बजे, सात दिवसीय योग ध्यान शिविर, गुरुकुल योग ध्यान एवं एक्यूप्रेशर संस्थान कोरबा के संस्थापक योगाचार्य डॉ. डी.के आनंद के द्वारा संचालित सात दिवसीय योग ध्यान शिविर का समापन, सीनियर क्लब सीएसईबी कोरबा पूर्व में क्या गया। इस सात दिवसीय शिविर में शहर के सैकड़ों लोगों ने योग- ध्यान, प्राणायाम, आसन, नेती क्रिया, एक्यूप्रेशर के पॉइंट एवं जड़ी बूटियों के बारे में विस्तृत से सभी को प्रशिक्षण दिए ।

शिविर में विशेष रूप से शामिल हुए शासन प्रशासन के गणमान्य नागरिक

इस शिविर के समापन के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुनील नायक, एडिशनल कलेक्टर कोरबा, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री एस के बंजारा, एस्क्यूटीव डायरेक्टर, सीएसपीजीसीएल, कोरबा पूर्व एवं योगाचार्य डॉ डीके आनंद के सानिध्य में इस योग ध्यान शिविर का समापन किया गया, उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया, तत्पश्चात सभी अतिथियों ने अपना अपना उद्बोधन दिए, उद्बोधन के पश्चात सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। श्री मुख्य अतिथि श्री सुनील नायक ने योगाचार्य डॉक्टर डीके आनंद जी को शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित किए । साथ ही उपस्थित सभी योगाअभ्यार्थी ने भी डॉ डीके आनंद को सम्मानित किए।

योग हमारी वैदिक परंपरा- श्री नायक

मुख्य अतिथि श्री सुनील नायक ने अपने उद्बोधन में बताया कि योग हमारी वैदिक परंपरा है आज से लगभग 5 हजार वर्ष पूर्व महर्षि पतंजलि के द्वारा अष्टांग योग हम सब को दिए और उस सनातन काल से योग की प्रचार प्रसार होते हुए आ रहा हैं, योग एक विज्ञान है इस योगिक क्रिया को करने से शरीर स्वस्थ रहता है मन स्वस्थ रहता है आज से 22 वर्ष पूर्व बाबा रामदेव ने पतंजलि योगपीठ का स्थापना हरिद्वार में किए और उन्होंने पूरे देश ही नहीं पूरे विश्व में योग का प्रचार प्रसार कर सभी को योग के प्रति जागरूक किया और आज हर घर में महिलाएं, बच्चे, बूढ़े, नौजवान सभी योग कर रहे हैं।

डॉ आनंद ने कोरबा में 17 वर्षों से योग का प्रचार प्रसार कर रहे हैं लोगों को योग सिखा रहे हैं मुझे बहुत खुशी है कि निशुल्क योग ध्यान शिविर से लोगों को काफी लाभ मिलेगा और आने वाले समय में सभी स्वस्थ तंदुरुस्त एवं आनंदित रहेंगे

योग के कारण ही मैं आज पूरी तरह स्वस्थ – श्री बंजारा

तत्पश्चात विशिष्ट अतिथि श्री एसके बंजारा जी ने बताया कि योग प्राचीन काल से हमारे ऋषि-मुनियों करते आ रहे हैं और हमने योग से बहुत कुछ प्राप्त किया है योग के कारण ही आज मैं स्वस्थ हूं। डॉ आनंद लगातार 2005 से इस सीनियर क्लब में प्रत्येक वर्ष योग ध्यान प्रणाम का शिविर लगाते वे आ रहे हैं और हम सब को प्रशिक्षण कर रहे हैं, हमारे सीएसईबी के जितने भी अधिकारी, कर्मचारी सभी के परिवार को काफी लाभ मिलता है, हम सब डॉ आनंद के कृतज्ञ हैं, हम सभी उनका आभार प्रकट करते हैं।

डॉ आनंद एमपी नगर में चलाते हैं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र

डॉ आनंद, महाराणा प्रताप नगर में अपना प्राकृतिक चिकित्सा भी चलाते हैं, जहां पर वे शिरोधारा, पंचकर्म, एक्यूप्रेशर- एक्यूपंक्चर, आयुर्वेद के माध्यम से लोगों को स्वस्थ करते हैं, लोगों का उपचार करते हैं। कोरबा शहर में डॉ आनंद ने हजारों लोगों को अभी तक ठीक किया है, और आगे भी डॉक्टर आनंद के सहयोग से सभी को स्वास्थ्य लाभ मिलता रहेगा।

इस शिविर में 7 दिनों तक योगाभ्यास करने के पश्चात लोगों ने शेयर किया अपना अनुभव

अपना अनुभव बताएं सीएसपीजीसीएल के एडीशनल चीफ सेक्रेट्री श्री दत्ता सर ने अपने अनुभव बताए कि मैंने 7 दिन का योग योग ध्यान का प्रशिक्षण लेने के उपरांत मुझे बहुत सारे नए नए चीज़ सीखने को मिला और मैं पूरी तरह से स्वस्थ महसूस करता हूं अपने आप को इस 7 दिनों में मेरा लगभग 3 किलो वजन कम हुआ है।

सात दिवसीय शिविर में सिखाए गए विभिन्न क्रियाएं

डॉ आनंद ने इस सात दिवसीय शिविर में विभिन्न आसन सिखाया जिसने उन्होंने विभिन्न क्रियाएं सिखाएं, आसन के लगभग 25- 30 क्रियाएं सिखाएं जिसमें – पवनमुक्तासन, कंधार आसन, मर्कटासन, उत्तानपादासन, पश्चिम उत्कटासन, हलासन, झूला आसन, भुजंगासन, शलभासन, नौकासन, चक्रासन, सर्वांगासन, मत्स्येंद्रासन, मत्स्य मुद्रा, महाबंध, धनुरासन, वृक्षासन, ताड़ासन, मर्जरी आसन , सूर्य नमस्कार के 12 मुद्राएं, प्राणायाम- भस्त्रिका प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम विलोम प्राणायाम वाह प्रणाम नौली क्रिया, शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम, कुंभक प्राणायाम, उज्जाई प्राणायाम, एवं ध्यान की क्रियाएं के साथ-साथ स्वस्थ रहने के लिए बहुत सारे आयुर्वेद एवं जड़ी बूटी के बारे में बताएं। इस सात दिवसीय मे सीएसपीजीसीएल कोरबा के समस्त अधिकारी कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा जिसके कारण यह सात दिवसीय शिविर का सफल संचालन हुआ ।

 

दीपक साहू

संपादक

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