ज्योति अग्रवाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा, पति ने ही 24 लाख की सुपारी देकर कराई थी हत्या

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झारखंड
जमशेदपुर/स्वराज टुडे: जमशेदपुर के सोनारी आस्था हाई टेक सिटी की ज्योति अग्रवाल उर्फ स्वीटी की हत्या के लिए उसके पति सह प्लाई कारोबारी रवि अग्रवाल ने 24 लाख रुपये की सुपारी दी थी. पहली सुपारी उसने 8 लाख रुपये में दी थी, लेकिन काम नहीं होने पर सात लाख रुपये शूटर से वापस ले लिया. फिर दूसरी बार 16 लाख रुपये पर हत्या की सुपारी का सौदा हुआ.

पति रवि अग्रवाल ने स्वीकार किया- उसने ही कराई ज्योति की हत्या

रवि अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसी ने पत्नी ज्योति अग्रवाल की हत्या करायी है. इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके पूर्व चालक मुकेश मिश्रा को गिरफ्तार किया. मुकेश मिश्रा की निशानदेही पर पुलिस ने 4 शूटर्स को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार युवकों के पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार, बाइक भी बरामद कर लिया है.

बारीडीह, सिदगोड़ा, बाबूडीह और सीतारामडेरा के हैं शूटर

शूटर जमशेदपुर शहर के अलग-अलग इलाकों बारीडीह, सिदगोड़ा, बाबूडीह और सीतारामडेरा के रहने वाले हैं. पुलिस गिरफ्तार युवकों से पूछताछ कर रही है. उनके पास से रुपये भी बरामद किये हैं. पूछताछ में रवि अग्रवाल ने कई हैरान करने वाली बातें पुलिस को बतायी है.

पत्नी से तंग आ गया था, इसलिए रची हत्या की साजिश : रवि अग्रवाल

उसने स्वीकार किया कि पत्नी से तंग आ चुका था. इसलिए उसकी हत्या करना चाहता था. पिछले करीब एक साल से उसकी हत्या की फिराक में था. पहले उसने खुद हत्या करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद चालक मुकेश मिश्रा की मदद से शूटरों से बात हुई. 8 लाख रुपये में सौदा हुआ, लेकिन काम नहीं हुआ.

बिष्टुपुर के रेस्टोरेंट में गला काटने की थी योजना

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में रवि अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने शूटर्स से कहा था कि बिष्टुपुर के एक रेस्टोरेंट में ज्योति की हत्या करे. योजना के अनुसार, रवि अग्रवाल और ज्योति रेस्टोरेंट में जाते. इसी बीच हमलावर गला रेत कर ज्योति की हत्या कर देता. इससे वह पुलिस को चकमा दे सकता था. इसके अलावा उस पर (रवि अग्रवाल) किसी को शक भी नहीं होता.

शूटर को ज्योति की हत्या के लिए दिए 16 लाख रुपए

उसने बताया कि हमलावर रेस्टोरेंट नहीं पहुंचे, जिसके बाद उसने कपाली थाना क्षेत्र के डोबो में एक माह पूर्व अपनी पत्नी की हत्या की योजना बनायी. वहां भी वह सफल नहीं हुआ. इसके बाद उसने शूटर को 16 लाख रुपए देकर ज्योति की हत्या का सौदा किया. वारदात की रात योजनाबद्ध तरीके से वह मिनी पंजाब होटल दोनों बेटे और पत्नी के साथ खाना खाने गया.

उल्टी का बहाना करके करने लगा शूटर्स का इंतजार

उसने बताया कि उल्टी होने का बहना करके वह शूटर्स के पहुंचने का इंतजार कर रहा था. इस कारण रास्ते में तीन जगह सुनसान स्थल पर रुका, लेकिन शूटर लेट से पहुंचे. बच्चे साथ में थे, जिससे उसे विश्वास दिलाने में कोई कठिनाई नहीं होती कि अपराधियों ने उसकी पत्नी की हत्या की है. योजनाबद्ध तरीके से उसने वारदात को अंजाम दिलाया.

गैंगटोक में जबरन पिलाई शराब, बाथ टब में हत्या की कोशिश

इससे पूर्व गत वर्ष 28 मई को परिवार के साथ गैंगटोक घूमने गया था. वहां होटल में बच्चों को खाना खिलाकर सुलाने के बाद उसने (रवि) पहले खुद शराब पी फिर पत्नी (ज्योति) को जबरन शराब पिलायी. इसके बाद बाथ टब में ज्योति की हत्या करने का प्रयास किया, लेकिन वह बच गयी. इसके बाद दवा का ओवरडोज देकर उसकी मानसिक स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की. इसलिए ज्योति उससे बार-बार झगड़ती थी.

ससुरालवालों से करवा लिया था एफिडेविट

ज्योति की बीमारी का फायदा उठाकर उसने ससुरालवालों से कोर्ट का एक एफिडेविट करवाया, जिसमें ज्योति की मौत के लिए मेरा या परिवार का कोई दोष नहीं होने की बात लिखवायी, ताकि ज्योति की हत्या के बाद वह (रवि) या परिवार के कोई भी अन्य सदस्य फंस नहीं सके. रवि ने पुलिस को बताया कि वह ज्योति के साथ नहीं रहना चाहता था. इस कारण दोनों बेटे का रांची के हॉस्टल में नामांकन कराया था. 3 अप्रैल को दोनों बच्चों को रांची हॉस्टल पहुंचाना था.

पूर्व चालक ने शूटर्स से मिलवाया

गिरफ्तार मुकेश मिश्रा पूर्व में रवि अग्रवाल की कार का चालक था. वह धनबाद में भी रवि अग्रवाल के पिता राजेंद्र अग्रवाल की कार चलाता था. करीब तीन माह पूर्व मुकेश मिश्रा को काम से हटा दिया गया था. बावजूद इसके मुकेश मिश्रा लगातार रवि अग्रवाल के संपर्क में था. रवि अग्रवाल ने पत्नी ज्योति अग्रवाल को रास्ते से हटाने के लिए मुकेश मिश्रा से बात की. जिसके बाद मुकेश मिश्रा ने शूटर्स से बात करायी.

रवि ने बाएं हाथ से लिखा 25 लाख रंगदारी का पत्र

गिरफ्तार रवि अग्रवाल काफी शातिर है. उसने परिवार और रिश्तेदारों को भी अपने जाल में फंसाया. इसके लिए उसने पहले 25 लाख की रंगदारी की झूठी कहानी बनायी. इसके लिए उसने (रवि अग्रवाल ने) खुद बाएं हाथ से सादे कागज पर 25 लाख रुपए की रंगदारी की धमकी वाली बात लिखी और सोनारी में रुपए मांगने की बात भी लिखी. उसने खुद पुलिस से इसकी शिकायत नहीं की.

पिता के जरिये सीतारामडेरा थाना में करवाई लिखित शिकायत

उसने झूठी कहानी बनायी और पिता राजेंद्र अग्रवाल को इसकी जानकारी दी. 26 फरवरी को उसने अपने पिता के माध्यम से सीतारामडेरा थाना में लिखित शिकायत करवाई. वहीं, सीतारामडेरा थाना प्रभारी पर दबाव बनाया कि मामला लीक नहीं होना चाहिए. उसने इसकी जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों को देने से भी मना किया. गिरफ्तार रवि अग्रवाल ने स्वीकार किया कि रंगदारी वाला पत्र उसी ने लिखा था.

29 मार्च को ज्योति की गोली मारकर की गई थी हत्या

सोनारी की ज्योति अग्रवाल हत्याकांड का आज सोमवार को सरायकेला पुलिस खुलासा करेगी. पुलिस इस मामले में भौतिक के अलावा साइंटिफिक जांच भी कर रही है, ताकि रवि अग्रवाल को सजा दिलायी जा सके. मालूम हो कि 29 मार्च 2024 की रात सरायकेला के चांडिल थाना अंतर्गत कांदरबेड़ा में अपराधियों ने सोनारी आस्था हाई टेक निवासी ज्योति अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी. जिस वक्त हत्यारों ने गोली मारी, ज्योति अग्रवाल के पति रवि अग्रवाल और उसके दोनों बेटे रिधान बंसल और रियान बंसल साथ में थे.

डेढ़ साल से ज्योति की हत्या की फिराक में था रवि : पिता-बहन

ज्योति अग्रवाल के पिता जुगसलाई निवासी प्रेम अग्रवाल और बहन दीपिका अग्रवाल ने बताया कि रवि पिछले करीब डेढ़ साल से ज्योति की हत्या की फिराक में था. गत 28 मई 2023 को गैंगटेक में उसने ज्योति की हत्या का प्रयास किया. ज्योति ने फोन कर इसकी जानकारी दी. इस कारण हमने उसे फोन करने से मना कर दिया. वाट्सअप चैट पर ही हमारी बात हो रही थी. हमें शक था कि रास्ते में वह ज्योति की हत्या न कर दे. इसलिए फोन करने से मना किया था.

गैंगटोक से लौटकर रवि ने मांगी थी माफी

उन्होंने बताया कि गैंगटोक से वापस लौटने पर वे लोग सीधे हमारे घर पहुंचे. वहां रवि ने माफी मांगी. इसके बाद ज्योति, बच्चे और रवि सोनारी चले गये. 8 दिसंबर 2023 को ज्योति की भाई की शादी थी. उस दौरान भी रवि ने ज्योति को हाई डोज दवा देकर मारने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को ज्योति का आत्महत्या करने का प्रयास की बात पूरी तरह झूठी है. पुलिस रवि अग्रवाल को कड़ी सजा दिलाये. उसने रिश्ते को खत्म कर दिया.

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दीपक साहू

संपादक

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