क्या नर्सिंग से भी बड़ा साबित होगा पैरामेडिकल घोटाला ? कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने उठाया था सबसे पहले प्रदेश में हुए नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े का मामला

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*जयवर्धन सिंह, हेमंत कटारे, सुरेश राजे और राजेंद्र भारती ने विधानसभा में किया हंगामा, विश्वास सारंग के इस्तीफे की रखी मांग

भोपाल/स्वराज टुडे: अभी प्रदेश की नर्सिंग घोटाले की आग भी ठंडी पड़ी नहीं, प्रदेश में पैरामेडिकल घोटाला की खबरें सामने आने लगी हैं। अभी प्राप्त दस्तावेजों से लगता है कि मध्यप्रदेश का पैरा मेडिकल घोटाला, व्यापमं और नर्सिंग से भी बड़ा घोटाला साबित होगा और पूर्व के नर्सिंग घोटाले की तरह इसके भी मुख्य सूत्रधार तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ही साबित हो रहे हैं। दरअसल विश्वास सारंग के खासमखास अंकित श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश पैरामेडिकल में उप रजिस्ट्रार बनाया और पूरा खेल रचा गया। इसकी जांच होने में मध्यप्रदेश के इतिहास का पैरामेडिकल घोटाला सबसे बड़ा साबित होगा।

प्रदेश में दिसंबर 2023 को गठित हुई डॉ. मोहन यादव की सरकार के गठन के बाद से विपक्षी दल ने भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर बुरी तरह से घेर रखा है। कभी पोषण आहार घोटाला तो कभी विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा किये गये घोटाले से उठा धुंआ अभी शांत भी नहीं हुआ था कि डॉ. मोहन यादव की सरकार को विधानसभा में विपक्षी दल के नेताओं ने जबरदस्त ढंग से घेरा। कांग्रेस ने पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल के समय तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के द्वारा किये गये फर्जी नर्सिंग घोटाले पर जमकर लताड़ा। यही नहीं जगत विजन पत्रिका द्वारा चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े और अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग मो. सुलेमान की तिकड़ी द्वारा किये गये बंपर नर्सिंग कॉलेज घोटाले की विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं ने जगत विजन पत्रिका की सैकड़ों प्रतियां लहराते हुए प्रदेश सरकार की आंख में बंधी पट्टी खोलने का काम किया है।

कमलनाथ ने उठाया था सबसे पहले मुद्दा

मध्यप्रदेश में हुए फर्जी नर्सिंग कॉलेज के घोटाले मामले से पर्दा सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उठाया था। उन्होंने ने ही इस पूरे मामले को शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में लाया लेकिन उन्होंने उस समय इस पर कोई कार्यवाही नहीं की और आंख बंद करके बैठे रहे। यही नहीं कमलनाथ ने सत्ता से बाहर होने के बाद लगातार इस पूरे मामले जांच करवाने की मांग की लेकिन सत्ता में वापसी कर आई भाजपा सरकार के नेताओं ने इस पर कोई कार्य नहीं किया और इस पूरे घोटाले को अमली जामा पहनाया।

अब एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे सारंग

वहीं, तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग खुद के द्वारा किये गये इस घोटाले को अब पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ के ऊपर मढ़ रहे हैं। उन्होंने विधानसभा में जो कॉपियां और दस्तावेज दिखाये वे सब फर्जी हैं। ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने फर्जी ढंग से इन निजी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने का काम किया था। हालांकि सारंग द्वारा किये गये इस भ्रष्टाचार से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं परिचित हैं। यही कारण है कि वे किसी भी तरह से सारंग के बचाव में आकर अपनी छवि धूमिल नहीं कर रहे हैं।

कमलनाथ ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तक पहुंचाया था मामला

सूत्रों की माने तो कमलनाथ व कांग्रेस नेताओं ने विश्वास सारंग द्वारा किये गये इस फर्जीवाडे़ का मामला उठाया तो उस समय यह मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पास पहुंचा था। अमित शाह ने स्पष्ट तौर पर शिवराज सिंह चौहान को निर्देश दिये थे कि इस पूरे मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कार्यवाही करें, लेकिन उन्होंने शाह की बात को अनसुना कर दिया।

नियमों को ताक पर रखकर चल रहे थे नर्सिंग कॉलेज

मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों के घोटाले की परतें लगातार खुल रही हैं। यहां के अधिकतर नर्सिंग कॉलेज नियमों को ताक पर रखकर कागजों पर चल रहे थे। मामले की जांच कर रही सीबीआई के अधिकारियों ने भी घूसखोरी कर ऐसे कॉलेज को क्लीनचिट दे दी थी। मामला उठने पर हाइकोर्ट ने अवैध तरीके से चल रहे प्रदेश के 66 नर्सिंग कॉलेज को सील करने के आदेश दिए थे। वहीं आशंका है कि अभी भी कई और नर्सिंग कॉलेज ऐसे हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए।

*विजया पाठक की रिपोर्ट*

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दीपक साहू

संपादक

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