अवैध रेत उत्खनन एवं भंडारण करने वाले रेत माफिया के विरुद्ध हुई औपचारिक कार्यवाही

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*400 से 500 हाइवा रेत भण्डारण पर 80 हाइवा रेत पर कर दिए कार्यवाही
*खनिज विभाग के अधिकारियों पर लग रहा प्रश्नचिन्ह

जांजगीर-चाम्पा(मालखरौदा)/स्वराज टुडे: विकास खण्ड मालखरौदा अंतर्गत ग्राम रनपोटा सोन नदी के सीने को छलनी कर भारी मात्रा में रेत निकाला जा रहा था। रेत माफिया के खिलाफ शिकायत पर कलेक्टर अमृत विकास टोपनो की फटकार के बाद खनिज विभाग के अधिकारी हरकत में आए। वे मौके पर जाकर अवैध रेत भंडारण जहाँ पर लगभग 400 से 500 हाइवा की जगह मात्र 80 हाइवा रेत की जप्ती कार्यवाही की गई । ऐसा प्रतीत होता है कि खनिज अधिकारियों द्वारा सांठ गांठ कर केवल 70 से 80 ट्रिप रेत का ही जब्ती बनाया गया है।

आपको बता दे कि ग्राम पंचायत रनपोटा पुल के पास सोन नदी से रेत माफियाओं के द्वारा चैन माउंटेन मशीन (बडे पोकलेन) लगाकर वहां से बड़े-बड़े हाईवा से 20-20 फीट की गहराई से रेत निकाला जा रहा है।जब पत्रकारों ने अवैध रेत उत्खनन का विरोध किया तो उन्हीं को धमकाने लगे । साथ ही क्षेत्र के कुछ अधिकारियों के साथ साठगांठ कर रेत माफियों के द्वारा भारी मात्रा में अवैध रेत खनन के साथ-साथ ग्राम पंचायत रनपोटा बाजार के पास शासकीय जमीन पर  और ग्राम बासीन के स्कूल परिसर में भारी मात्रा में अवैध रेत का भंडारण किया गया है ।

शिकायत कर्ता रवि कुमार खटर्जी ने 24 अप्रैल को कलेक्टर सक्ती के पास लिखित में शिकायत की थी। ग्राम रनपोटा और बासीन में रेत माफिया कन्हैया जायसवाल द्वारा जो पेशे से शिक्षक भी है उन्होंने अवैध रूप से रेत का भंडारण किया है और पोकलेन के द्वारा भारी मात्रा में नदी के भीतर से रेत खनन किया जा रहा है जहां शिकायत के 5 दिन बीत जाने के बाद भी खनिज अधिकारी कार्यवाही करने नही पहुंचे थे ।

इससे साफ पता चलता है कि अवैध रेत खनन और भंडारण के प्रति अधिकारी कितने सजग है ।जब 5 दिन बीत जाने के बाद भी कार्यवाही नही हुई तो शिकायत कर्ता ने फिर सक्ति कलेक्टर को अवगत कराया जिसके बाद कलेक्टर महोदय ने संज्ञान में लेते हुए खनिज अधिकारियों को कार्यवाही के लिए तत्काल टीम गठित कर भेजा जहां मौके पर बासीन और रनपोटा में दो जगहों पर लगभग 70से 80 हाइवा का रेत भंडारण मिला जिसमे खनिज गौंड अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया वही मौके से पोकलेन मशीन को नदी से निकाल कर मिरौनी में छिपा दिया गया ।

रेत माफिया कन्हैया जायसवाल जो की खुद सरकारी कर्मचारी शिक्षक के रूप में कार्यरत होकर इस तरह से सरकार को लाखो का चूना लगा रहा है अब देखना है कि इस पर कलेक्टर महोदय क्या कार्यवाही करते है

 

दीपक साहू

संपादक

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